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सर्जरी की अनुमति आयुर्वेद के शल्य चिकित्सकों का मौलिक अधिकार

NS Desk

विगत दिनों भारत सरकार ने भारतीय चिकित्सा के इतिहास का बड़ा महत्वपूर्ण निर्णय दिया है और शासनादेष जारी किया है कि MS शल्ल्य एवं MS शालाक्य के आयुर्वेद चिकित्सक सभी शल्य चिकित्सा SURGERY जैसे  Lepratomy  से लेकर ENT सर्जरी व Opthelmic surgery आयुर्वेद शास्त्र संगत विधि से निर्बाध रूप से कर सकते हैं।

सभी की जानकारी के लिए मैं बताना चाहूंगा कि surgery की text book में भी महर्षि सुश्रुत को father of surgery माना गया है। हजारों वर्ष पूर्व महर्षि सुश्रुत ने अनेक जटिल सर्जरी करके आधुनिक सर्जरी को एक दिशा दिया तथा सुश्रुत संहिता के सिद्धांतों के आधार पर आज भी सर्जरी की जा रही है । सुश्रुत संहिता में वर्णित surgical instrument के आधार पर ही आज के surgical instrument बने हैं। छोटे घाव (woond) की सर्जरी से लेकर lepratomy (पेट की सर्जरी), पथरी की सर्जरी के सिद्धांत भी महर्षि सुश्रुत ने ही बताया है।

इन सब के बावजूद जब भारत सरकार ने आयुर्वेद के शल्य चिकित्सकों को सर्जरी का अधिकार जो कि उनका प्रथम व मौलिक अधिकार है वह उन्हें दिया तो इसमें IMA जैसे आधुनिक चिकित्सकों के संगठन का विरोध करना हास्यास्पद है तथा तर्कसंगत नही है।       

अतः इस अतार्किक विरोध से जनसामान्य के स्वास्थ्य के साथ होने वाले खिलवाड़ को कम करने के लिए Acap संगठन के समस्त वैद्य दिनांक 11/12/2020 शुक्रवार को निःशुल्क परामर्श प्रदान करेंगे । ACAP संगठन से जुड़े एवं अन्य भी संगठनों से जुड़े आयुर्वेदाचार्य 11/12/2020 शुक्रवार को पूर्णतः निःशुल्क परामर्श प्रदान करेंगे ।     जय आयुर्वेद ! जय धन्वंतरि !! (Dr. Gajendra Daharwal सोशल मीडिया वॉल से साभार)

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