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नमस्ते पोर्टल - सभी आयुर्वेद चिकित्सकों के लिए बेहद आवश्यक !

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By NS Desk | 02-Nov-2020

Namaste Portal

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय की ओर से देश के सभी प्राइवेट व सरकारी आयुर्वेद चिकित्सकों के लिए एक नमस्ते पोर्टल को कुछ वर्ष पूर्व आरम्भ किया गया था, जिसकी अभी भी अधिकांश आयुर्वेद चिकित्सकों को जानकारी सही से नहीं है, जबकि चिकित्सा कार्य से जुड़े सभी चिकित्सकों के लिए यह पोर्टल बेहद महत्त्वपूर्ण व इसमें दी गई जानकरियों को सही ढ़ंग से समझकर अपने चिकित्सा कार्य में प्रयोग करना न सिर्फ आवश्यक है अपितु कई तरह के लाभ भी हैं! 

आइये जानते हैं क्या है नमस्ते पोर्टल?
National AYUSH Morbidity And Standardised Terminologies Electronic Portal (NAMASTE)
राष्ट्रीय आयुष रुग्णता और मानकीकृत शब्दावली इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल (NAMASTE)

इसका अर्थ है कि देश में आयुष पद्धतियों में जो भी चिकित्सक कार्य कर रहे हैं उन्हें अपने रोगियों के रोग का निदान (diagnosis) अपने सिस्टम में बताये गए रोग के नाम के अनुरूप ही करना चाहिए!

क्या होगा इसका लाभ ?
नमस्ते (NAMASTE) पोर्टल में दिए गए सभी रोगों के विवरण व कोड WHO की ICD 10 गाइडलाइन्स से जुड़े हुए हैं, इसका अर्थ यह होता है कि आप यदि इस पोर्टल में दिए निदान के अनुरूप अपने रोगी का डायग्नोसिस बनाते हैं व उसका पेपर प्रेजेंट करते हैं या कहीं भी इसका प्रस्तुतीकरण करते हैं तो वह रोगों के अंतर्राष्ट्रीय वर्गीकरण (International Classification of Diseases) के अनुरूप होगा, जिसका एक अर्थ यह है कि यदि आप किसी रोगी में अम्लपित्त का रोग निर्णय करते हैं तो व इसका कोड EB 4 लिखते हैं तो आपके इस डायग्नोसिस का कोई मजाक नहीं बनाएगा बल्कि उसको स्वीकार्य भी करेगा!
 
इसको और सरलता से समझें कि यदि आप आयुर्वेद में चिकित्सा कार्य कर रहे हैं और आपके पास कोई रोगी आता है जिसे अम्लपित्त है तो अभी हमारे यहाँ कोई निश्चित पैटर्न नहीं होने के कारण कुछ लोग एसिडिटी, कुछ लोग हाइपर एसिडिटी या कुछ लोग अम्लपित्त आदि का अपनी-अपनी समझ के अनुरूप निदान करते थे लेकिन अब आयुर्वेद के चिकित्सक acidity से जुड़े रोगी का निदान उसके types या प्रकार के अनुरूप लिख सकते हैं, जैसे अम्लपित्तम् के लिए EB-4, ऊर्ध्वगत-अम्लपित्तम् के लिए EB-4.1 आदि (देखें संलग्न फोटो)

क़ानूनी रूप से इसका प्रयोग है बेहद लाभदायक:
इसके अतरिक्त यदि आप अपने रोगी के रोग का निश्चय अपने सिस्टम में बताई गई गाइडलाइन्स के अनुरूप करते हैं और यदि किसी रोगी के साथ कुछ अहित होता है और वह केस किसी क़ानूनी दायरे में आता है जैसे कोर्ट या कंस्यूमर फोरम आदि और यदि आपने अपने सिस्टम में डायग्नोसिस किया है तो निश्चित रूप से जाँच अधिकारी आपके सिस्टम का ही चुना जायेगा क्योकि आपके सिस्टम की भाषा और बात को सिर्फ आपके सिस्टम का व्यक्ति ही समझ सकता है और आपके केस में आपकी बातों का पक्ष भी बेहतर रूप में सुन सकता है।

सामान्य और सरल बिंदुओं में यदि नमस्ते पोर्टल में दिए गए रोगों के कोड के प्रयोग के लाभ को समझें तो:
★ आपके रोगी के रिकॉर्ड की स्वीकार्यता सभी के लिए होगी!
★ किसी भी तरह के इंटरनेशनल पब्लिकेशन में आप अपने रोगी के केस को प्रकाशित करने के लिए भेज सकते हैं!
★ सारे देश के आयुर्वेद चिकित्सकों का डेटा इकठ्ठा करके रोगियों का बेहद बड़ा और स्तरीय रिकॉर्ड तैयार किया जा सकता है।
★ साथ ही किसी भी तरह की क़ानूनी प्रक्रियाओं में आपके पक्ष को आप मजबूत ढ़ंग से रख सकते हैं।

कैसे देखें Morbidity Codes?
सबसे पहले http://namstp.ayush.gov.in/ वेबसाइट पर जायें, इसके बाद नमस्ते पोर्टल पर जाकर आप रोगों के संक्षिप्त कोड को समझने व देखने के लिए Morbidity Codes पर क्लिक करें व Ayurved section पर जाने के बाद आप रोगों का नाम सर्च करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 

उम्मीद है निरोगस्ट्रीट की ओर से साझा की गई इस जानकारी से आपको लाभ हुआ होगा व आप निश्चित रूप से अपनी क्लिनिक प्रैक्टिस में Morbidity Codes का प्रयोग करेंगे!

आप सभी की जानकारी के लिए एक विशेष बात और बताना चाहते हैं कि इन कोड्स को एक-एक कर देखने और समझने में आपको आसानी हो इसके लिए जल्द ही निरोग स्ट्रीट कि टीम के द्वारा तैयार किये गए वैद्य टूल सॉफ्टवेयर में यह सभी कोड डायग्नोसिस वाले हिस्से में उपलब्ध होंगे जिससे आप यदि अपने रोगी का डायग्नोसिस अम्लपित्त करते हैं तो आपको सिर्फ acidity या amlapitta का नाम टाइप करते ही Morbidity Code व रोग का नाम दोनों ही स्वतः सेलेक्ट हो जायेंगे, जिससे आपको इन कोड्स को समझने में बहुत अधिक माथा पच्ची नहीं करनी पड़ेगी! 

नोट: इस लेख में साझा की गई जानकारी में त्रुटि संभव है, इसके लिए निरोगस्ट्रीट की सम्पादकीय टीम उत्तरदायी नहीं होगी, साझा की गई  जानकारियां संबधित विभागों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित हैं!

consult with ayurveda doctor.
डिस्क्लेमर - लेख का उद्देश्य आपतक सिर्फ सूचना पहुँचाना है. किसी भी औषधि,थेरेपी,जड़ी-बूटी या फल का चिकित्सकीय उपयोग कृपया योग्य आयुर्वेद चिकित्सक के दिशा निर्देश में ही करें।
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