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इटली में कोरोनावायरस का कहर, लाशों को दफनाना भी मुश्किल

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By NS Desk | 21-Mar-2020

itlay me coronavirus ka aatank

इटली में कोरोनावायरस की विनाश लीला

रोम| चीन के बाद कोरोनावायरस का नया गढ़ बन चुके इटली में हालात बेकाबू हो गए हैं। यहां बर्गमो प्रांत में तो हालात इतने भयावह हैं कि कोरोनावायरस से मरने वाले लोगों का अंतिम संस्कार करने में भी संघर्षो का सामना करना पड़ रहा है। यहां केवल दो सप्ताह में ही एक पूरी पीढ़ी अपनी जान से हाथ धो बैठी है। हालात इतने भयावह हैं कि स्थानीय लोगों का कहना है कि यह रुला देने वाला है। द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, बर्गमो प्रांत में लाशों को दफनाने में ही काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां के चर्चो में ऐसे ताबूतों की लाइनें लगी हैं, जिनमें संक्रमण से मरने वालों की लाशों को दफनाया जाना है। इस वजह से लोगों को लाश अपने घरों में ही कई दिनों तक रखनी पड़ रही है। इसकी वजह है कि कोरोनावायरस महामारी की मार झेल रहे इस इतावली प्रांत में अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी संभालने वाली कंपनियों की कार्यप्रणाली चरमरा गई है।

इटली में गुरुवार तक वायरस की वजह से तीन हजार से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। बेहद कम समय में काफी लोगों की मौत हो जाने की वजह से लाशों को बिना किसी संस्कार या समारोह के दफनाया जा रहा है।

लोम्बार्डी क्षेत्र में पड़ने वाले इस प्रांत में 12 लाख लोग रहते हैं और यहां केवल इसी इलाके से ही दो हजार से अधिक संक्रमित लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके अलावा इस क्षेत्र में 4,300 से अधिक लोग कोरोना पॉजिटिव हैं।

यहां स्थिति इस कदर बेकाबू हो गई है कि लाशों को दफनाने में भी सेना की मदद लेनी पड़ रही है। यहां बुधवार की रात सेना को कब्रिस्तान में विभिन्न स्थानों से 65 ताबूतों को स्थानांतरित करने के लिए काम पर लगाना पड़ा। क्षेत्र में अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी संभालने वाली सीएफबी एक मार्च से लगभग 600 लोगों को दफना चुकी है।

सीएफबी के अध्यक्ष एंटोनियो रिकियार्डी ने कहा, "हम सामान्य तौर पर एक सामान्य महीने में लगभग 120 लोगों का अंतिम संस्कार कराते हैं। मगर अब केवल दो सप्ताह में ही एक पूरी पीढ़ी अपनी जान से हाथ धो बैठी है। हमने इससे पहले ऐसा कुछ नहीं देखा। यह वाकई रुला देने वाला अहसास है।"

बर्गमो में अंतिम संस्कार कराने वाली लगभग 80 कंपनियां हैं, जिनमें से प्रत्येक कंपनी को एक घंटे में दर्जनों कॉल आ रही हैं। कोरोना के बढ़ते प्रकोप से आलम यह है कि इलाके में दफनाने के लिए ताबूतों की भी कमी पड़ गई है। इसके अलावा अंतिम संस्कार कराने वाले कर्मचारियों के सामने भी संक्रमित होने का खतरा है।  (आईएएनएस)

 

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डिस्क्लेमर - लेख का उद्देश्य आपतक सिर्फ सूचना पहुँचाना है. किसी भी औषधि,थेरेपी,जड़ी-बूटी या फल का चिकित्सकीय उपयोग कृपया योग्य आयुर्वेद चिकित्सक के दिशा निर्देश में ही करें।
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