By NS Desk | 19-Feb-2019
केंद्र सरकार आयुर्वेद के जरिए स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े बदलाव लाने की तैयारी में है और इसके लिए कई योजनायें बनायी जा रही है. यदि ये योजनायें लागू हो गयी तो भारत में स्वास्थ्य क्रांति का सूत्रपात हो सकता है. इस संबंध में देश के दो बड़े मीडिया संस्थानों के पोर्टलों पर प्रकाशित खबर इस ओर इशारा कर रही है. अमर उजाला की खबर के अनुसार -
डायबिटीज के लिए diabe 250, यूएस पेटेंट अवार्ड से सम्मानित
देश में 12 तरह की बीमारियों का इलाज जल्द ही आयुर्वेद के जरिये मिल सकेगा। केंद्र सरकार आयुर्वेद, यूनानी और होमियोपैथी के जरिये ज्यादा से ज्यादा मरीजों को उपचार देने की तैयारी में है। इसके लिए आयुष ग्राम भी बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा देश में साढ़े 12 हजार हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित करने की जिम्मेदारी ही पीएमओ से आयुष मंत्रालय को मिली है। आयुष्मान भारत के तहत जल्द ही 19 आयुर्वेद और 14 योग के पैकेज भी शामिल किए जाएंगे। अब तक इस योजना के तहत 1300 के करीब एलोपैथी उपचार पैकेज हैं।
आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने बताया कि नीति आयोग, स्वास्थ्य मंत्रालय और आयुष मंत्रालय मिलकर आयुष्मान भारत को लेकर नई नीतियों पर काम कर रहे हैं। सभी राज्यों से 12500 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोलने के लिए सुझाव मांगे गए हैं। ये सेंटर देशभर में अगले तीन वर्ष में खोले जाने हैं। केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपद नाईक ने अमर उजाला से वार्ता में कहा कि राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत हर ब्लॉक में एक आयुष ग्राम तैयार करने का लक्ष्य है। इसके लिए आयुष की जिला स्तरीय टीमें कार्य कर रही हैं। राज्य व जिला स्तर पर आयुष कमेटियां भी गठित की जा रही हैं।
diabe 250 : us patent awarded ayurvedic medicine for diabetes patients
आयुष्मान भारत के तहत आयुर्वेद के जरिये गर्भवती महिलाओं की देखरेख, शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण, मधुमेह, दिल, फेफड़ों में संक्रमण, परिवार नियोजन, कान-नाक-गले से जुड़ी बीमारियों, मुंह, मनोरोग और पैलेटिव केयर दी जाएगी। इमरजेंसी एवं ट्रॉमा के साथ-साथ बर्न मरीजों को भी इस चिकित्सा पद्घति से उपचार मिलेगा। मधुमेह के लिए बीजीआर-34, किडनी के लिए नीरी केएफ्टी और सफेद दाग के लिए ल्यूकोस्किन का इस्तेमाल होगा।
वहीँ दूसरी तरफ आजतक की वेबसाईट पर आयुष मंत्रालय की योजनाओं का खुलासा करते हुए कहा गया कि सरकार ने मधुमेह, तनाव, रक्तचाप और कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया है. जिसके तहत सरकार गांव-गांव तक आयुर्वेद का इलाज पहुंचाएगी. सरकार इसके लिए प्रधानमंत्री जनआरोग्य अभियान के तहत देश भर में तैयार हो रहे करीब डेढ़ लाख हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की मदद लेगी. यहां भारतीय वैज्ञानिकों के शोध में निर्मित बीजीआर-34 सहित कई तरह के आयुर्वेद उपचार से मरीजों का इलाज होगा. आयुर्वेद के इस उपचार को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी में है. माना जा रहा है कि यदि वह उपचार लोगों तक पहुंचने में सफल रहा तो आने वाले वक्त में यह काफी उपयोगी साबित होगा.
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