logo
Home Blogs NirogStreet News आयुर्वेद से जुड़ी शिक्षा के संचालन की जिम्‍मेदारी अब आयुर्वेद बोर्ड की होगी

आयुर्वेद से जुड़ी शिक्षा के संचालन की जिम्‍मेदारी अब आयुर्वेद बोर्ड की होगी

By NirogStreet Desk| posted on :   29-Dec-2018| NirogStreet News

नयी दिल्ली । केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को भारतीय चिकित्सा प्रणालियों के लिए राष्ट्रीय आयोग (एनसीआईएम) विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी जिसका मकसद मौजूदा नियामक भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (सीसीआईएम) के स्थान पर एक नया निकाय गठित करना है, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। विधेयक के मसौदे में चार स्वायत्त बोर्डों के साथ एक राष्ट्रीय आयोग के गठन का प्रावधान किया गया है। इसके तहत आयुर्वेद से जुड़ी समग्र शिक्षा के संचालन की जिम्मेदारी आयुर्वेद बोर्ड और यूनानी, सिद्ध एवं सोवा रिग्पा से जुड़ी समग्र शिक्षा के संचालन की जिम्मेदारी यूनानी, सिद्ध एवं सोवा रिग्पा बोर्ड के पास होगी।

बयान में कहा गया कि इसके अलावा दो सामान्य या आम बोर्डों में आकलन एवं रेटिंग बोर्ड और आचार नीति एवं भारतीय चिकित्सा प्रणालियों के चिकित्सकों का पंजीकरण बोर्ड शामिल हैं। आकलन एवं रेटिंग बोर्ड भारतीय चिकित्सा प्रणालियों के शैक्षणिक संस्थानों का आकलन करने के साथ-साथ उन्हें मंजूरी देगा। भारतीय चिकित्सा प्रणालियों के चिकित्सकों का पंजीकरण बोर्ड भारतीय राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अधीन प्रैक्टिस से जुड़े आचार नीति मुद्दों के साथ-साथ राष्ट्रीय रजिस्टर के रख-रखाव की जिम्मेदारी संभालेगा। इसमें कहा गया, ‘‘मसौदे में सामान्य प्रवेश परीक्षा और एक ‘एक्जिट एक्जाम’ का प्रस्ताव भी है। प्रैक्टिस का लाइसेंस हासिल करने के लिये सभी स्नातकों को इसे उत्तीर्ण करना होगा।’’ बयान में कहा गया, ‘‘इसके अलावा, विधेयक में एक शिक्षक अर्हता परीक्षा आयोजित करने का भी प्रस्ताव है, ताकि नियुक्ति एवं पदोन्नति से पहले शिक्षकों के ज्ञान के स्तर का आकलन किया जा सके।’’

बयान में कहा गया कि विधेयक के मसौदे का उद्देश्य एलोपैथी चिकित्सा प्रणाली के लिए प्रस्तावित राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की तर्ज पर भारतीय चिकित्सा क्षेत्र की चिकित्सा शिक्षा में व्यापक सुधार लाना है। (भाषा)

यह भी पढ़ें - बेर में छुपा है सेहत का खजाना, रामचरितमानस में भी मिलता है वर्णन

अंगूर खायेंगे तो कैंसर की होगी छुट्टी

सीताफल (शरीफा) खाने के 15 फायदे

दुनिया की सबसे महंगी जड़ी-बूटी, कीमत जानकर चौंक जायेंगे

हृदय रोग में भी लाभकारी है मुलेठी

अखरोट को यूं ही नहीं कहते पावर फूड, जानिए इसके फायदे

मधुमेह के साथ-साथ कैंसर के खतरे को भी कम करता है करेला

निरोग रहना है तो डिनर में आयुर्वेद के इन 10 सुझावों को माने

अमेरिका ने भी माना गोमूत्र को अमृत, फायदे जानकर रह जायेंगे हैरान

सत्वावजय चिकित्सा से 'आदर्श' को मिली चंद मिनटों में राहत, डॉ. गरिमा ने दिखाया 'आयुर्वेद पावर'

आयुर्वेदिक साइकोथैरेपी है सत्वावजय चिकित्सा : डॉ. गरिमा सक्सेना

आयुर्वेद में स्वाइन फ्लू का पूर्ण इलाज संभव

एक्जिमा का आयुर्वेद से ऐसे करें उपचार

भांग से कैंसर का इलाज

आयुर्वेदिक इलाज की बदौलत 8 महिलाओं को मिला मातृत्व सुख, यूके और यूएस के चिकित्सक भी

हरियाणा में प्रधानमंत्री मोदी ने रखी राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान की आधारशिला

आयुर्वेद के तीन डॉक्टरों ने खोजा हाइपो-थायरॉइड की औषधि - 'जलकुंभी भस्म कैप्सूल'

निरोगस्ट्रीट की संगोष्ठी में चिकित्सकों ने कहा,आयुर्वेद है सबसे तेज

आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का वैश्विक बाजार 14 बिलियन डॉलर

अखबार में लिपटे खाने से हो सकता है कैंसर, जानिए पांच नुकसान

आयुर्वेद ज्ञान की ललक में भारत पहुंची अमेरिका की डॉ. निकोल विल्करसन

केरल में खुला एशिया का पहला स्पोर्ट्स आयुर्वेद अस्पताल

डॉ. आशीष कुमार से जानिए आयुर्वेद और बीमारियों से संबंधित 10 कॉमन सवालों के जवाब

NirogStreet Desk

Are you an Ayurveda doctor? Download our App from Google PlayStore now!

Download NirogStreet App for Ayurveda Doctors. Discuss cases with other doctors, share insights and experiences, read research papers and case studies.