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आयुर्वेद में वर्णित कचनार के गुणों को AIIMS ने भी माना, शोध होगा 

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By Dr Pushpa | 18-Jan-2020

kachnar medicinal plant

Ayurveda News In Hindi : Kachnar / AIIMS will conduct research on Kachnar

कचनार के औषधीय गुणों को आयुर्वेद पहले से ही मानता आया है और कचनार गुग्गुल (Kanchanar Guggulu) जैसी कई आयुर्वेदिक दवाएं इससे बनती है. अब दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने भी इसके महत्व को स्वीकारते हुए इसपर शोध करने का फैसला किया है. यह शोध झारखण्ड में होगा. इस संबंध में एम्स, सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड और डिपार्टमेंट ऑफ फॉरेस्ट, एनवायरमेंट एंड क्लाइमेट चेज, झारखंड सरकार के बीच समझौता हुआ है.

शोध की समयाविधि दो से चार साल के बीच होगी. इसमें ऐसे लोगों पर शोध होगा जो कचनार का औषधीय प्रयोग कर रहे हैं. एम्स उनलोगों के खून का नमूने लेगा और उनके शरीर में मौजूद प्रोटीन की जांच करेगा. 

दस बीमारियों डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, दिल की बीमारियां,मोतियाबिंद, विटामिन की कमी से बच्चों की आंखों की रोशनी जाना, डिप्रेशन, चिड़चिड़ापन, मुंह के छाले व अन्य संक्रमण, एसिडिटी की समस्या और थायरॉयड  में इसकी उपयोगिता की खासतौर पर जांच की जायेगी.

शोध पर एम्स सात करोड़ रुपये खर्च करेगा. 

कचनार अक्सर बगीचों में लगाया जाता है. यह एक खूबसूरत पौधा है और इसके फूल बेहद चटक और आकर्षक होते हैं. इसकी पत्तियों का आकार थायरॉइड से बहुत मिलता है.  इसकी पत्ती और छाल विशेष उपयोगी होती है जिनका चूर्ण या काढ़ा प्रयोग किया जाता है. विभिन्न प्रकार के ट्यूमर्स में भी इसकी छाल और पत्तियों का चूर्ण लाभदायक है.

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डिस्क्लेमर - लेख का उद्देश्य आपतक सिर्फ सूचना पहुँचाना है. किसी भी औषधि,थेरेपी,जड़ी-बूटी या फल का चिकित्सकीय उपयोग कृपया योग्य आयुर्वेद चिकित्सक के दिशा निर्देश में ही करें।
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