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सर्दियों में स्वस्थ्य रहने के पांच आयुर्वेदिक उपाय

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By Dr Pushpa | 20-Jan-2020

health tips in hindi

WINTER HEALTH TIPS IN HINDI

Ayurvedic ways to stay healthy in winter in Hindi : सर्दियों में अत्यधिक ठंढ की वजह से कई तरह की शारीरिक बीमारियों के होने के खतरा बना रहता है. ऐसे में जरुरी सावधानियां बरतनी जरुरी है. आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. योगेश कुमार पाण्डेय  से जानिये कि ठंढ में अपने आप को स्वस्थ्य रखने के लिए क्या - क्या करना जरुरी है -

1- सर्दी में प्रतिदिन स्नान करे

सर्दियों में जुकाम, खांसी, गले और जोड़ों में दर्द आम बात है। थोड़ी- सी लापरवाही से इस तरह की तकलीफें बढ़ जाती हैं। इन दिनों त्वचा प्रायः रूखी हो जाती है। नियमित स्नान नहीं करने अथवा बाल नहीं धोने से त्वचा, रोम एवं बालों पर एक परत जम जाती है। इस कारण खुजली, चकत्ते, दानें आदि हो जाते हैं। इसलिए इन दिनों शारीरिक साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। प्रतिदिन स्नान जरूर करें, वह भी गर्म पानी से।

2- तेल लगायें

अच्छे से धुले, सूखे और गर्म कपड़े ही पहनें। नहाने से पहले शरीर पर सरसों, तिल, जैतून या नारियल तेल गर्म करके मालिश कर सकते हैं। तेल में हल्का कपूर अथवा अगुरू मिला सकते हैं। संभव हो तो अगुरू का लेप लगाएं। यह शीत को नष्ट करता है। बालों को भी नियमित रूप से धोएं और उसमें तेल लगाएं। नाक और कानों की नियमित सफाई करें और सप्ताह में कम से कम एक बार तेल अवश्य डालें।

3- पर्याप्त मात्रा में पानी या तरल पदार्थ ले

प्रायः हम सर्दियों में पानी पीने के लिए उदासीन हो जाते हैं। यह ठीक नहीं हे। शरीर को सुचारु रूप से चलाने के लिए जल आवश्यक तत्व है। अतः इसकी उपेक्षा नहीं की जानी चाहिए। जल लेने की इच्छा न हो तो अच्छी मात्रा में सूप, दाल का पानी, मांस रस,गर्म दूध आदि लेते रहें। इन सबमें सोंठ, काली मिर्च, छोटी पीपल, लोंग, इलायची, तेजपात, जायफल, केसर, हल्दी आदि का चूर्ण देनी चाहिए।

4- योग और व्यायाम

योग- व्यायाम भी आवश्यक है। सर्दी में व्यायाम की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए। व्यायाम से पहले ठंड से बचाव के सारे उपाय कर लें। व्यायाम के पश्चात्‌ तेल मालिश जरूर करें। इन दिनों बच्चों, वृद्धों और गर्भवती महिलाओं को खुले में योग- व्यायाम नहीं करना चाहिए। रात में सोने से पहले कमरे के दरवाजे, खिड़कियां अच्छी तरह बन्द कर लें। कहीं से हवा आएगी तो कमरा गर्म नहीं होगा और आपको रजाई के अंदर भी ठंड महसूस होगी। बैठने, काम करने एवं सोने का स्थान भी गर्म रहे तो अच्छा है। ऐसे उपायों से आप सर्दी से अपनी रक्षा कर सकते हैं।

5- भोजन में सावधानियां

यथावश्यक तथा स्वाद के अनुसार प्रयोग करें। भोजन में भी गर्म और तरल पदार्थों का अधिकाधिक सेवन करें। ऐसा करते रहने से पाचन क्रिया सामान्य बनी रहती है। मल-मूत्र का उत्सर्जन ठीक तरह होता रहता है और बीमार पड़ने की संभावना कम हो जाती है। सर्दी-खांसी की शुरुआत में ही अदरक और तुलसी के रस के साथ शहद का प्रयोग शुरू कर दें। जोशान्दा का प्रयोग करें, भाप लें। तरल पदार्थ लेते रहें | सर्दी-खांसी बढ़ने पर यदि बुखार हो जाए अथवा छाती में भारीपन और दर्द होने छगे तो किसी चिकित्सक को अवश्य दिखाएं। सर्दियों में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने एवं बनाए रखने के लिए केसरयुक्त च्यवनप्राश का प्रयोग करना अच्छा रहता है।

(डॉ. योगेश कुमार पाण्डेय का यह लेख मूलतः पांचजन्य पत्रिका में प्रकाशित. पांचजन्य से साभार)

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डिस्क्लेमर - लेख का उद्देश्य आपतक सिर्फ सूचना पहुँचाना है. किसी भी औषधि,थेरेपी,जड़ी-बूटी या फल का चिकित्सकीय उपयोग कृपया योग्य आयुर्वेद चिकित्सक के दिशा निर्देश में ही करें।
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