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आयुर्वेद के अनुसार बादाम के फायदे और नुकसान हिंदी में - Ayurveda ke Anusar Badam ke Fayde aur Nuksan in Hindi

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By NS Desk | 22-Mar-2021

Badam ke Fayde aur Nuksan in Hindi

बादाम का परिचय - Introduction of Badam in Hindi

बादाम अत्यधिक पौष्टिक काष्ठफल या नट होता है तथा इसकी दो किस्में पाई जाती हैं- मीठा बादम तथा कटु बादाम। बादाम में सेहत को लाभ पहुंचाने वाले अनेक गुण मौजूद होते हैं। कटु बादाम की तुलना में मीठे बादाम का बहुत अधिक मात्रा में उपयोग होता है। कटु बादाम में प्रूसिक एसिड नामक एक विषैला पदार्थ उपस्थित होता है और  इसीलिए इसका उपयोग प्रसाधन सामग्री तथा इत्र आदि बनाने में किया जाता है। फिर भी दोनों प्रकार के बादाम बहुत अधिक पौष्टिक होते तथा इन्हें “गिरियों या काष्ठफलों के राजा” का दर्जा दिया जाता है। इसमें स्वास्थ्य की दृष्टि से अनेक लाभप्रद गुण मौजूद पाए जाते हैं। उदाहरणतः दिमाग की कार्य क्षमता में वृद्धि करता है क्योंकि इसमें दिमाग को संतुलित करने वाले समस्त गुण मौजूद पाए जाते हैं। इसके अलावा बादाम में एंटीऑक्सीडेंट तथा लिपिड या वसा के लेवल को कम करने वाले गुण भी प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल के लेवल को नियंत्रित कर सकते हैं। अतः दैनिक आहार में बादाम का सेवन काफी लाभप्रद सिद्ध होता है।  बादाम का तेल भी निकाला जाता है जिसका उपयोग त्वचा और बालों की सेहत में सुधार हेतु किया जाता है।

बादाम के गुण - Properties of Almonds in Hindi

बादाम में अनेक प्रकार के स्वास्थ्यवर्धक गुण पाए जाते हैं जो विभिन्न प्रकार के रोगों के उपचार में मदद करते हैं। बादाम में निहित कुछ प्रमुख गुण इस प्रकार हैं-
● इसमें एंटीऑक्सीडेंट या प्रतिऑक्सीकारक गुण होते हैं।
● लिपिड या वसा को नियंत्रित करता है।
● मस्तिष्क या दिमाग की कार्य क्षमता को सुधारता है।
● स्निग्ध होता है।
● इसमें  रोपन संबंधित गुण होते हैं।
● उष्ण होता है।
● वात को संतुलित करता है।
● इसमें रेचन संबंधी गुण मौजूद होते हैं।
अतः बादाम में उपरोक्त समस्त गुण मौजूद पाए जाते हैं। इसमें मौजूद ये सभी गुण व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में पूर्णतः सक्षम होते हैं।

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बादाम के ऐतिहासिक उपयोग - Historical Uses of Almonds in Hindi

बादाम में अनेक प्रकार के पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जैसे- फाइबर, प्रोटीन, वसा, विटामिन ई, मेग्नीशियम आदि। ये सभी पोषक तत्व व्यक्ति को पूर्ण रूप से स्वस्थ या सेहतमंद बनाने में योग देते हैं। सालों पहले या अतीत से ही बादाम का उपयोग निम्न कुछ प्रमुख रोगों के उपचार के लिए किया जाता रहा है।
● उच्च रक्तचाप 
● उच्च कोलेस्ट्रॉल लेवल 
● वज़न को कम या नियंत्रित करना
● त्वचा तथा बालों की समस्याओं का निदान 
● कब्ज आदि।
लोगों सालों पहले या अतीत से ही बादाम के उपचारात्मक गुणों पर भरोसा करते आए हैं। इसके तेल का उपयोग विभिन्न त्वचा रोगों, जैसे- काले घेरे, पिग्मेंटेशन या वर्णकता, काले धब्बे,  शुष्क त्वचा आदि के उपचार हेतु किया जाता रहा है। यह तेल त्वचा की बनावट या संरचना में  सुधार लाता है। इसके तेल के नियमित उपभोग से त्वचा, बालों तथा पाचन तंत्र में गजब का सुधार देखने को मिलता है।

आयुर्वेदिक उपचार में बादाम के उपयोग के फायदे - Benefits of Using Almonds in Ayurvedic Treatment in Hindi

बादाम एक अत्यधिक पौष्टिक काष्ठफल या नट होता है और  इसी कारण आयुर्वेदिक उपचार में इसका बहुत अधिक महत्व है। बादाम में अनेक स्वास्थ्यवर्धक तथा उपचारात्मक गुण पाए जाते हैं। आइए,जानें कि आयुर्वेदिक उपचार इसके क्या-क्या लाभ प्राप्त होते हैं।

1. त्वचा से संबंधित समस्याओं, जैसे बिवाई या दाहक त्वचा के  उपचार में मदद 
आयुर्वेद-
आयुर्वेदिक अध्ययन के मुताबिक बादाम के स्निग्ध तथा रोपन गुण वात की गड़बड़ी को ठीक करने में मदद करते हैं। शरीर में वात की गड़बड़ी ही त्वचा की बिवाइयों तथा शुष्कता का कारण बनती है। अतः बादाम का तेल बिवाई तथा शुष्क त्वचा का सफलतापूर्वक उपचार कर सकता है। यह त्वचा को नमी और अनूठी चमक प्रदान करता है।

त्वचा के उपचार हेतु बादाम के तेल के उपयोग से संबंधित आयुर्वेदिक टिप्स 
यदि आप त्वचा से संबंधित समस्याओं, जैसे- शुष्क त्वचा, काले घेरे, पिग्मेंटेशन या वर्णकता, काले धब्बे आदि से परेशान हैं और बादाम तेल के उपयोग से उनका उपचार करना चाहते हैं तो निम्न आयुर्वेदिक टिप्स का पालन कीजिए।
क. अपने हाथ की हथेली पर दो या तीन बूंदें बादाम तेल लें तथा इसे दोनों हथेलियों से मसलें।
ख. अब इस तेल से शुष्क त्वचा पर हथेलियों को गोल-गोल घुमाते हुए मालिश करें।
ग. आप त्वचा की दिक्कत से छुटकारा पाने के लिए इस उपाय को रोज रात को सोने से पूर्व कर सकते हैं।

2. बुरे या हानिकारक कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मदद 
आयुर्वेद-
आयुर्वेदिक अध्ययन के मुताबिक बादाम में उष्ण और आम को कम करने वाले गुण मौजूद पाए जाते हैं जो पाचन प्रक्रिया में सुधार लाते हैं और टोक्सिन या विषैले अपशिष्ट को शरीर से बाहर निकालने में मदद करते हैं। इसी कारण शरीर में हानिकारक कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम होता है। बादाम रक्त वाहिकाओं की रुकावट को दूर कर टोक्सिन से छुटकारा दिलाता है तथा इस तरह खतरनाक कोलेस्ट्रॉल के स्तर से मुक्ति मिलती है।

उच्च कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने हेतु बादाम तेल के उपयोग से संबंधित आयुर्वेदिक टिप्स 
यदि आप उच्च कोलेस्ट्रॉल लेवल से पीड़ित हैं और बादाम तेल के उपयोग से हानिकारक कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम तथा अच्छे कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ाना चाहते हैं तो निम्न आयुर्वेदिक टिप्स का पालन कीजिए।
क. पांच बादाम गिरियां लें और उन्हें पानी में भिगो दें।
ख. इन्हें एक पूरी रात पानी में भिगोए रखें।
ग. अगले दिन सुबह इनका छिलका उतार कर खाली पेट खाएं।

कब्ज के उपचार में मदद 
आयुर्वेद- आयुर्वेदिक अध्ययन के मुताबिक बादाम में वात को संतुलित करने तथा रेचन संबंधी गुण मौजूद पाए जाते हैं जो कब्ज का उपचार करने में मदद करते हैं। बादाम वात को संतुलित करके इस काम में मदद करता है। बादाम की उष्ण प्रकृति शारीरिक मल को ढीला या पतला करने में खास योग देती है।

कब्ज के उपचार हेतु बादाम तेल के उपयोग हेतु आयुर्वेदिक टिप्स
यदि आप कब्ज की समस्या से पीड़ित हैं और उसके उपचार हेतु बादाम तेल के उपयोग से संबंधित निम्न  आयुर्वेदिक टिप्स अपनाएं।
1. एक गिलास में आधा या एक चम्मच बादाम का तेल लें।
2.  इस गिलास में गरम दूध डालकर अच्छी तरह से मिला लें।
3. इसे रात को सोने से पहले पी लें।
4. कब्ज से निजात पाने के लिए यह प्रयोग नियमित रूप से करें।

चिकित्सकों द्वारा निर्देशित बादाम की उचित मात्रा 
चिकित्सकों द्वारा निर्देशित बादाम की उचित मात्रा इस प्रकार है-
● बादाम का कैपसूल: आप दिन में दो बार एक-एक कैपसूल का सेवन कर सकते हैं।
● बादाम तेल: आप आधा या एक चम्मच बादाम तेल का सेवन कर सकते हैं या फिर  दिनभर इसके 5-6 बूंद तेल का उपभोग करें।
● बादाम का पाउडर: एक-चौथाई या आधा चम्मच बादाम पाउडर लें  या फिर दिनभर में अपनी आवश्यकतानुसार इसका सेवन करें।

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आयुर्वेदिक उपचार में बादाम के उपयोग - Uses of Almonds in Ayurvedic Treatment in Hindi

बादाम का उपयोग आयुर्वेदिक उपचार में होता है। आइए जानें कि पोषक पदार्थों से भरपूर का आयुर्वेदिक उपचार में कैसे प्रयोग करते हैं।

1. पानी में भिगोए गए बादाम
आप बादाम का उपभोग पानी में भिगोकर कर सकते हैं। भिगो कर खाए गए बादाम यादाश्त में वृद्धि करते हैं। आप इसका सेवन निम्न प्रकार से कर सकते हैं।
क. चार से पांच बादाम की गिरियां पानी में भिगो दें।
ख. इन्हें एक पूरी रात पानी में भिगो कर रखें।
ग. अगले दिन इनका छिलका उतार कर खाली पेट खा लें।
घ. अपनी बेहतर यादाश्त के लिए इनका नियमित रूप से सेवन करें।

2. बादाम का पाउडर, दूध और शहद 
आप अतिरिक्त पोषण के लिए बादाम के पाउडर का उपभोग दूध या शहद के साथ भी कर सकते हैं। इसके लिए आप निम्न तरीका अपना सकते हैं।
क. एक गिलास में एक-चौथाई या आधा चम्मच बादाम का पाउडर लें।
ख. अब इस गिलास में गरम दूध तथा 1-2 चम्मच शहद डालकर अच्छी तरह से मिला लें।
ग. इसे दिन में एक बार भोजन के बाद पी लें।

3. बादाम के कैपसूल का दूध के साथ सेवन
आप दिन में दो बार बादाम के  कैपसूल का दूध के सेवन कर सकते हैं। इसका सेवन दोपहर तथा रात के भोजन के उपरांत करना बेहतर रहता है।

4. बादाम का तेल
बादाम के तेल में अनेक प्रकार के स्वास्थ्यवर्धक गुण पाए जाते हैं तथा इसका उपयोग त्वचा रोगों के  उपचार के लिए किया जाता है। इसका उपयोग आप निम्न प्रकार से कर सकते हैं।
उपभोग के लिए 
क. एक गिलास में 3-5 मिली बादाम का तेल लें।
ख. इस गिलास में गरम दूध डालकर अच्छी तरह से मिला लें।
ग. इस दूध को रात सोने से पहले पिएं।

शुष्क तथा बिवाई वाली त्वचा के लिए 
क. दो या तीन बूंद बादाम तेल अपनी हथेलियों पर लें और इसे दोनों हथेलियों पर मसल लें।
ख. इस तेल से त्वचा के शुष्क भाग पर हथेलियों को गोल-गोल घुमाते हुए मालिश करें। इसकी मालिश 3-4 मिनट तक करें।
ग. त्वचा की समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए यह उपाय रात को सोने से पहले करना उचित रहता है।

काले घेरों के लिए 
क. अपने हाथों की हथेलियों पर 2-3 बूंदें बादाम के तेल की लें।
ख. इसकी अपनी आंखों के नीचे के काले घेरों पर मालिश करें।
ग. इसे रात सोने से पहले करें और सुबह उठने पर धो लें।
घ. काले घेरों से छुटकारा पाने के लिए यह उपाय नियमित रूप से करें

5. बादाम तेल का नसल या नासिका के ड्राप्स के रूप में प्रयोग 
आप अपनी नाक की रुकावट से निजात पाने के लिए बादाम के तेल का उपयोग नासिका के ड्राप्स के रूप में भी उपभोग कर सकते हैं। आपको अपनी बंद नाक को खोलने के लिए प्रत्येक नासिका में बादाम के तेल की 2-3 बूंदें डालनी चाहिए।

6. बादाम का पेस्ट या दूध
आप त्वचा से संबंधित समस्याओं, जैसे कि अतिवर्णकता या हाइपर-पिग्मेंटेशन के उपचार के लिए दूध में बने बादाम के पेस्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं। आपको यह पेस्ट बनाने के लिए निम्न विधि का पालन करना चाहिए- 
क. एक कटोरे में आधा या एक चम्मच बादाम का तेल लें।
ख. इसमें दूध मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें।
ग. अब इस पेस्ट को चेहरे तथा गरदन पर लगा लें।
घ. इसे 5-6 मिनट तक लगा रहने दें और फिर पानी से धो लें।
ङ. आप अतिवर्णकता या हाइपर-पिग्मेंटेशन के उपचार के लिए यह उपाय सप्ताह में 3-4 बार अपना सकते हैं।

7. बादाम और शहद का फेस पैक
आप अपनी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाने के लिए बादाम तथा शहद से बना फेस पैक भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आप निम्न तरीका अपना सकते हैं- 
क. एक कटोरे में आधा या एक चम्मच बादाम का पाउडर लें।
ख. इसमें 2-3 चम्मच शहद डालकर अच्छी तरह से मिला लें।
ग. इस पेस्ट को 10-15 मिनट के लिए अपने चेहरे या गरदन पर लगा कर रखें।
घ. उसके उपरांत इसे ठंडे पानी से धो लें।
ङ. अपनी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाने के लिए आप  उपाय सप्ताह में 3-4 बार अपना सकते हैं।

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बादाम के तेल के उपयोग से संबंधित सावधानियां - Precautions Related to the Use of Almond oil in Hindi

बादाम के उपयोग या उपभोग से पूर्व उससे संबंधित कुछ सावधानियों का ज्ञान होना अनिवार्य है। आइए, कुछ सावधानियों के बारे में जानें।

● मधुमेह के रोगियों के लिए 
यदि आप मधुमेह के रोगी हैं तो आपके लिए जान लेना अनिवार्य है कि बादाम का तेल रक्त ग्लूकोज के लेवल को कम कर सकता है। अतः आप मधुमेह की औषधियों के सेवन के साथ-साथ बादाम का सेवन भी कर रहे हैं तो रक्त शर्करा के लेवल की नियमित रूप से जांच कराते रहें।

● किडनी रोग से पीड़ित व्यक्तियों के लिए 
यदि आप किडनी से संबंधित समस्या जैसे कि किडनी की पत्थरी आदि से पीड़ित हैं तो आपको बादाम के तेल से परहेज करना चाहिए, क्योंकि इसमें ओक्सलेट नामक घटक मौजूद होता है जो किडनी के स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता है।

● एलर्जी के मरीजों के लिए 
आयुर्वेद- आयुर्वेदिक अध्ययन के मुताबिक यदि आपकी त्वचा अति संवेदनशील हो तो आपको बादाम तेल का इस्तेमाल दूध या शहद में मिलाकर करना चाहिए। इस तरह आप बादाम की अंत:क्रिया से बच सकते हैं।

बादाम से संबंधित प्रश्नोत्तर - Badam Related FAQ's in Hindi

प्र. भारत में बादाम के कुछ प्रमुख ब्रांड कौन-कौन से हैं?
उ.
भारत के बाजारों में बादाम तेल के कुछ निम्न ब्रांड उपलब्ध पाए जाते हैं।
• डाबर बादाम तेल
• इनतुर
• हैल्थ विट
• हमदर्द रोगन बादाम हेयर ऑयल
• मोरफिन आल्मंड ऑयल
• पतंजलि हेयर ऑयल 
• एलोय वेदा डीस्टिल आल्मंड ऑयल

प्र. बादाम से दूध बनाने का तरीक़ा क्या है?
उ.
बादाम का दूध अत्यधिक पौष्टिक तथा स्वास्थ्यवर्धक होता है ,क्योंकि इसमें वाष्पशील पोषक तत्व और खनिज आदि प्रचुर मात्रा में मौजूद पाए जाते हैं। आप बादाम का दूध बनाने के लिए निम्न विधि का इस्तेमाल कर सकते हैं
क. एक कटोरे में दो-तीन मुट्ठी बादाम लें।
ख. इन्हें पूरी रात पानी में भिगो कर रखें और फिर इनका छिलका उतार लें।
ग. इन्हें अच्छी तरह से पीसकर पेस्ट तैयार कर लें।
घ. अब इसे गिलास में डालकर इतना पानी मिलाएं कि यह दूध का रूप ले ले। उसके उपरांत इसमें स्वाद के लिए चीनी या शहद मिला लें।
ङ. अब आप इस बादाम के दूध को पी लें या फिर भावी उपभोग के लिए 1-2 दिन के लिए फ्रिज में भंडारित करके रख लें।

प्र. बादाम को उपभोग करने से पूर्व पानी में क्यों भिगोया जाता है?
उ.
वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक बादाम का छिलका बड़ी मुश्किल से ही पचता है और इसीलिए इसे पानी में भिगोते हैं ताकि इसका छिलका उतार कर खाया जा सके। बिना छिलके वाला बादाम शीघ्र पच जाता है। यदि आप बादाम का छिलके सहित सेवन करते हैं तोयह पित्त की गड़बड़ी का कारण बन सकता है और इससे अति अम्लता की स्थिति पैदा हो सकती है। अतः बादाम को भिगोकर उसका छिलका उतार कर खाना ही उचित रहता है।

प्र. बादाम के उपभोग की निर्देशित या सुझावित मात्रा क्या है?
उ.
बादाम का उपभोग व्यक्ति को अपनी पाचन प्रणाली की मजबूती को ध्यान में रखते हुए ही करना चाहिए। यदि आपकी पाचन प्रणाली कमजोर हो तो आपको 4-5 बादाम का सेवन ही नियमित रूप से करना चाहिए।

प्र. क्या बादाम का तेल घर पर बनाया जा सकता है?
उ.
बादाम का तेल घर पर बनाया जा सकता है। घर पर बादाम तेल बनाने के लिए आपको निम्न तरीका अपनाना चाहिए-
क. मुट्ठी भर बादाम को ग्राइंडर में पीस कर बढ़िया पेस्ट बना लें।
ख. अब इस पेस्ट में दो चम्मच ओलिव ऑयल डाल दें। यह मात्र एक विकल्प है।
ग. इस पेस्ट को वायुरोधी डिब्बे में भरकर दो सप्ताह के लिए रख दें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि यह डिब्बा किसी ऐसी जगह पर रखें कि वहां तापमान सामान्य होअथवा अधिक उष्णता न हो।
घ. दो सप्ताह बाद आप देखेंगे कि इस डिब्बे में रखे पेस्ट के ऊपर तेल की परतें बन गयी हैं।
ङ. अब आप इस तेल को पेस्ट से अलग करके किसी बोतल में भर सकते हैं।
च. आप इस तेल का इस्तेमाल त्वचा तथा बालों पर कर सकते हैं

प्र. चेहरे पर बादाम तेल के इस्तेमाल का सही तरीका क्या है?
उ.
आप त्वचा की समस्याओं, जैसे- शुष्क त्वचा,  काले घेरे, पिग्मेंटेशन तथा काले धब्बों आदि के उपचार के लिए बादाम के तेल का चेहरे पर इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आपको निम्न तरीका अपनाना चाहिए-
क. अपने हाथों की हथेलियों पर 2-3 बूंदें बादाम तेल की लें।
ख. अब हथेलियों को गोलाकार में घुमाते हुए चेहरे पर इस तेल की मालिश करें। इस गोलाकार मालिश से रक्त संचार में सुधार भी आएगा।
ग. त्वचा समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए आप यह उपाय प्रतिदिन दोहरा सकते हैं।
घ. रात को सोने से पहले बादाम तेल की मालिश करना अधिक फायदेमंद रहता है।

प्र. क्या मधुमेह के रोगी बादाम खा सकते हैं?
उ.
मधुमेह का रोगी दिनभर में 43 ग्राम बादाम का सेवन कर सकता है। इससे ज्यादा मात्रा में सेवन करने से मधुमेह के रोगी के शरीर में रक्त ग्लूकोज का लेवल कम हो सकता है। अतः इसीलिए मधुमेह के रोगी को इस विषय में सचेत रहने की जरूरत होती है।

प्र. क्या बादाम वज़न कम करने में मदद करता है?
उ.
बादाम का सेवन भूख को नियंत्रित करता है और लंबे समय तक पेट को भरा हुआ रखता है तथा इसी के परिणामस्वरूप वज़न को कम करने में मदद मिलती है। इसमें  ऐसे अनेक तत्व मौजूद होते हैं जो वज़न को नियंत्रित करते हैं, जैसे- फाइबर, प्रोटीन, सेच्युरेटिड फैटी एसिड, विटामिन ई एवं ए आदि। अतः यदि आप शारीरिक वजन कम करना चाहते हैं तो बिना छिलके बादाम का सेवन करें।

प्र. बादाम के त्वचा के लिए क्या-क्या लाभ हैं?
उ.
आयुर्वेद- आयुर्वेदिक अध्ययन के मुताबिक बादाम की स्निग्ध प्रकृति त्वचा को पोषण प्रदान करती है तथा शुष्क त्वचा से राहत दिलाती है। इसके अलावा  इसमें मौजूद वात की गड़बड़ी को संतुलित करने वाले गुण त्वचा को स्वस्थ तथा चमकदार बनाने में  योग देते हैं।

स्वस्थ त्वचा के लिए बादाम तेल के उपयोग से संबंधित आयुर्वेदिक टिप्स 
आप स्वस्थ और चमकदार त्वचा पाने के लिए बादाम के तेल का उपयोग नियमित रूप से कर सकते हैं।
क. एक कटोरे में 5-6 बादाम डालकर उसमें पानी मिला लें।
ख. अब इन्हें एक पूरी रात पानी में भिगो कर रखें।
ग. अगले दिन सुबह इन बादाम के छिलके उतार कर खाली पेट खा लें।
घ. आप स्वस्थ और चमकदार त्वचा के लिए यह उपाय प्रतिदिन कर सकते हैं ।

प्र. क्या बादाम पेट की चर्बी कम करने में  मदद करता है?
उ. आयुर्वेद-
आयुर्वेदिक अध्ययन के मुताबिक बादाम उष्ण प्रकृति का होता है और इसी कारण शरीर से टोक्सिन या जीव विष को को हटा कर पेट की चर्बी को कम करने में मदद करता है। इससे शरीर का वजन भी घटता है। बादाम शरीर से आम को हटाकर वज़न कम करने में योग देता है । बादाम के सेवन से पेट भरा होने का एहसास बना रहता है और इस तरह अधिक मात्रा में भोजन ग्रहण करने से बचाव होता है। अतः इस तरह बादाम का सेवन पेट की चर्बी को कम करता है।

पेट की चर्बी कम करने के लिए बादाम के उपभोग से संबंधित आयुर्वेदिक टिप्स 
आप पेट की चर्बी को कम करने के लिए बादाम का सेवन निम्न प्रकार से कर सकते हैं-
क. एक कटोरे में बादाम की 5-6 गिरियां लें और उसमें पानी डालें ।
ख. इन्हें एक पूरी रात पानी में भिगो कर रखें।
ग. अगले दिन सुबह इन बादाम की गिरियों का छिलका उतार कर खाली पेट खा लें।
घ. आप पेट की चर्बी को कम करने के लिए यह उपाय प्रतिदिन कर सकते हैं।

प्र. क्या बादाम के नियमित सेवन से बाल उगाए जा सकते हैं?
उ. आयुर्वेद-
आयुर्वेदिक अध्ययन के मुताबिक बादाम में वात की गड़बड़ी को संतुलित करने वाले गुण मौजूद होते हैं और इसी कारण यह बालों का झड़ना नियंत्रित करता है। वात की गड़बड़ी के कारण ही बालों के झड़ने की समस्या पैदा होती है। अतः बादाम के नियमित सेवन से बालों के झड़ने की समस्या का तो निदान होता ही है साथ ही बालों की वृद्धि में मदद भी मिलती है। बादाम का नियमित उपभोग उनकी वृद्धि में सहायक होता है और उन्हें धूप के कारण होने वाली क्षति से भी बचाता है।

बालों की वृद्धि के लिए बादाम के सेवन से संबंधित आयुर्वेदिक टिप्स 
आप बादाम का उपभोग बालों की वृद्धि के लिए भी कर सकते हैं। इसके लिए आपको निम्न तरीका अपनाना चाहिए।
क. एक गिलास में आधा चम्मच बादाम का तेल लें।
ख. इस गिलास में गरम दूध डालकर अच्छी तरह से मिला लें।
ग. इस दूध को सुबह के नाश्ते के उपरांत पिएं।
घ. स्वस्थ बाल पाने के लिए यह उपाय नियमित रूप से करें।

प्र. क्या बादाम का उपभोग पाचन क्रिया को तेज करता है?
उ. आयुर्वेद-
आयुर्वेदिक अध्ययन के मुताबिक बादाम की उष्ण प्रकृति शरीर में पाचक अग्नि में सुधार लाती है और इसी कारण पाचन क्रिया में सुधार आता है। इसके अलावा इसमें स्निग्ध तत्व कब्ज से निजात दिलाते हैं और  इस कारण भी पाचन में तेजी आती है। अतः इसी कारण यह हमारी पाचन प्रणाली को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।

भोजन के पाचन को सरल बनाने हेतु बादाम के उपभोग से संबंधित आयुर्वेदिक टिप्स 
बादाम में मौजूद पोषक तत्व हमारी पाचन प्रणाली को मजबूत बनाने में अच्छा योगदान देते हैं। इस उद्देश्य के लिए बादाम का निम्न प्रकार से उपभोग करना चाहिए।
क. एक कटोरे में पानी लेकर उसमें 5-6 बादाम भिगो दें।
ख. इन्हें एक पूरी रात पानी में भिगो कर रखें।
ग. अगले दिन सुबह इनका छिलका उतार कर खाली पेट खा लें।
घ. पाचन प्रणाली में सुधार हेतु इनक नियमित रूप से सेवन करें।

प्र. क्या बादाम एनिमिया के उपचार में मदद करता है?
उ. आयुर्वेद-
आयुर्वेदिक अध्ययन के मुताबिक बादाम में मौजूद बल्य गुण रक्त में हीमोग्लोबिन के स्तर के सुधार में काफी योग देता है। अतः इसी कारण यह एनिमिया के उपचार में मदद कर सकता है।

एनिमिया के उपचार के लिए बादाम के उपभोग को लेकर आयुर्वेदिक टिप्स
बादाम एनिमिया के उपचार में काफी मदद कर सकता है। आइए, इसके उपभोग का तरीक़ा जानें।
क. एक गिलास में आधा या एक चम्मच बादाम का तेल लें।
ख. इसमें गरम दूध डालकर अच्छी तरह से मिला लें।
ग. अब इस दूध को पी लें। आप यह उपाय रोज सोने से पूर्व कर सकते हैं।
घ. यह उपाय रक्त में हीमोग्लोबिन के स्तर की वृद्धि में योग दे सकता है।

प्र. क्या बादाम पीसीओएस के उपचार में मदद कर सकता है?
उ.
पीसीओएस का पूरा नाम पोलिसिस्टिक ओवरियन सिंड्रोम है जो हार्मोन से संबंधित एक रोग होता है। बादाम में फाइटिक एसिड मौजूद होता है जोइस रोग के उपचार में मदद करता है। अतः यदि आप इस रोग से पीड़ित हैं तो इसके उपचार के लिए नियमित रूप से बादाम का सेवन कर सकते हैं।

प्र. क्या गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान बादाम का उपभोग सही रहता है?
उ.
बादाम में गर्भवती तथा स्तनपान कराने वाली महिलाओं  के बेहतर स्वास्थ्य के लिए समस्त अनिवार्य विटामिन, खनिज और अन्य पोषक तत्व मौजूद पाए जाते हैं। बादाम में उपस्थित फोलेट नामक पोषक पदार्थ मौजूद होता है जो गर्भवती महिला के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होता है। अतः  गर्भावस्था व स्तनपान के दौरान बादाम का उपभोग सही रहता है।

प्र. खाली पेट बादाम खाने से क्या लाभ होता है?
उ.
खाली पेट बादाम खाने से शरीर को बहुत अधिक लाभ प्राप्त होते हैं, क्योंकि शरीर इसके अधिकांश पोषक तत्वों को सोख या इस्तेमाल कर लेता है। फिर भी यदि आपका पाचन तंत्र कमजोर हो तो आपकी बादाम खाली पेट खाने के बजाय इनका सेवन भोजन के साथ करने का सुझाव दिया जाता है।

प्र. क्या बादाम का तेल स्किन व्हाइटनिंग या त्वचा के निखार में कोई फायदा पहुंचाती है?
उ. आयुर्वेद-
आयुर्वेदिक अध्ययन के मुताबिक बादाम के तेल में अनेक ऐसे उपचारात्मक गुण पाए जाते हैं जो त्वचा की क्षति का उपचार करने में मदद करते हैं। सूर्य की पैराबैंगनी किरणों के हानिकारक प्रभावों के कारण त्वचा को शुष्क तथा निष्प्रभ हो जाती है।  बादाम का तेल त्वचा को पोषण व चमक प्रदान करता है। त्वचा पर इस तेल का उपयोग उसमें खास निखार लाता है।

प्र. क्या अन्य औषधियों या दवाइयों के सेवन के दौरान बादाम का सेवन सही रहता है?
उ.
आधुनिक वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक ऐसे पर्याप्त साक्ष्य मौजूद नहीं हैं जो यह साबित करते हों कि अन्य दवाइयों के सेवन के दौरान बादाम का उपभोग किया जाए या नहीं किया जाए।

प्र. क्या बादाम तेल का मौखिक रूप से सेवन करना उचित रहता है?
उ.
बाजार में दो तरह के बादाम तेल पाए जाते हैं- मीठा बादाम तेल तथा कटु बादाम तेल। चिकित्सकों के मुताबिक केवल मीठे तेल का ही मौखिक रूप से सेवन किया जा सकता है। कटु बादाम का मौखिक रूप से सेवन कभी नहीं करना चाहिए।

संदर्भ:

http://www.ayurveda.hu/api/API-Vol-1.pdf
https://main.ayush.gov.in/sites/default/files/Ayurvedic%20Pharmacopoeia%20of%20India%20part%201%20volume%20IX.pdf 
https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/24171123/
https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK84830/
https://onlinelibrary.wiley.com/doi/abs/10.1111/j.1473-2165.2007.00293.x
https://www.hsph.harvard.edu/nutritionsource/food-features/almonds/
https://www.researchgate.net/publication/250058086_The_nutritional_and_health_benefits_of_almonds_a_healthy_food_choice

consult with ayurveda doctor.
डिस्क्लेमर - लेख का उद्देश्य आपतक सिर्फ सूचना पहुँचाना है. किसी भी औषधि,थेरेपी,जड़ी-बूटी या फल का चिकित्सकीय उपयोग कृपया योग्य आयुर्वेद चिकित्सक के दिशा निर्देश में ही करें।
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