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ऐड़ी में दर्द (Achilles Tendinitis) के लक्षण, कारण और उपाय

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By NS Desk | 12-Sep-2020

Achilles Tendinitis

Achilles Tendinitis

ऐड़ी में दर्द(Achilles Tendinitis)
चलते समय एडी के ऊपर जोरदार दर्द महसूस होना इसे आयुर्वेद में स्नायु गत वात और एलोपैथी मे Achilles Tendinitis कहते है। इस रोग में Achilles tendon(स्नायु) जो कि आपके टखने से आपकी एडी की हडडी तक चलती है ,इसमे शोध होता है।
 
लक्षण (कैसे पहचाने)
इसका प्रधान लक्षण टखने से एड़ी तक चलते समय दर्द होना है।
उस स्थान पर जकड़ाहत हो जाती है।
 
कारण
जब उस स्नायु(tendon) पर उसकी क्षमता से अधिक दबाव पड़ता है तो आगे जाकर दर्द में परिवर्तित होजाता है।
एथलेटिक्स, ज्यादा वजनी व्यक्ति , या ऐसे व्यक्ति जो ज्यादा देर तक खड़े रहते हैं या चलते है इनमें इस तरह का दर्द देखने मिलता है।
गलत तरीके से चलना, या खड़े रहना भी मुख्य कारण होता है।
चोट या आधात से भी यह दर्द और सूजन उत्पन्न होता है।
 
डॉक्टर को दिखाने का समय
जब चलते समय एडी में दर्द बहुत अधिक हो गया हो
ठीक तरह से खड़े न हो पा रहे हो, पैर के पंजो को हिलाने में तकलीफ हो रही हो तो तुरंत वैदय या चिकित्सक के पास जाएं।
 
कौन-कौनसी जांच करवाना जरूरी
Xray- Ankle joint का X-ray करवाना जरूरी है इससे यह पता लगेगा कि उस स्थान पर कोई विकृति तो नही हुई है।
रक्त जांच- रक्त कमी,या अन्य कोई इंफेक्शन का पता लगाने के लिए।
Bone Mass Density. अस्थियों की गुणवत्ता जांचने के लिए
RA factor
Serum Uric Acid
 
बचने के उपाय
सही तरीके नियमित व्यायाम करें
अपने शरीर प्रमाण व बल के अनुसार वजन बना कर रखें
कोई चोट लगी हो तो तुरंत अच्छे से उसका उपचार करवाये।
 
घरेलू उपचार
दर्द के स्थान पर सेंक करे ।
100 gm लाल मिर्ची को 500 ml सरसो के तैल में पकाये। जब मिर्ची काली हो जाये तो तैल को छान लें
इस तैल की हल्के हाथों से मालिश से दर्द में आराम होगा।
एक मध्यम आकार का प्याज ,एक पूरी गांठ लहसुन की छील कर मिक्सी में पीस ले।इसमे 200 ग्राम तिल तैल मिलाकर गर्म करें। प्याज और लहसुन के काले होजाने पर इसतैल को छानकर रखले। इसकी हल्के हाथों की मालिश से आराम होगा। ध्यान रहे , मालिश ज़ोर से नही करनी है ,इससे कमजोर स्नायु टूट सकती है। इसलिए हल्के हाथ से मालिश करे।
सावधान, अगर इन सब का प्रयोग करने पर भी कुछ दिनों में आराम न मिलता हो तो त्रंत वैद्य या डॉक्टर की सलाह ले।
 
आहार
यह खाएं -गेंहू की रोटी ,उबली हुई सब्जियां, मूंग व मसूर की दाल, चीनी के स्थान पर गुड़ व शहद का प्रयोग,दूध ,मुनक्का,सेब,अंगूर इत्यादि फल खाएं।
यह न खाएं -सलाद, ठन्डी चीजे ,आइसक्रीम,ठंड पेय,केक फ़ास्ट फूड ,दही ,चावल ,घी,तैलीय पदार्थ जैसी चीजें न ले। सब्जियाँ में अरबी,भिंडी आलू ,टमाटर न खाए।
 
विहार
शरीर को गर्म रखे।
ठीक जूतौं का चयन करें
शरीर का भार अनुपात में रखे।
consult with ayurveda doctor.
डिस्क्लेमर - लेख का उद्देश्य आपतक सिर्फ सूचना पहुँचाना है. किसी भी औषधि,थेरेपी,जड़ी-बूटी या फल का चिकित्सकीय उपयोग कृपया योग्य आयुर्वेद चिकित्सक के दिशा निर्देश में ही करें।
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