Looking for
  • Home
  • Blogs
  • CoronaVirus Newsमहिला ने पति के फेफड़े बदलवाने के लिए 1 करोड़ की मदद खातिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

महिला ने पति के फेफड़े बदलवाने के लिए 1 करोड़ की मदद खातिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

User

By NS Desk | 07-Aug-2021

नई दिल्ली, 7 अगस्त (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को एक 31 वर्षीय महिला की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया, जिसमें पीएम-केयर्स फंड और अन्य अधिकारियों को उसके पति को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने का निर्देश देने की मांग की गई है।

महिला का पति मई की शुरुआत से अस्पताल में भर्ती है। कोविड-19 से संक्रमित होने के बाद उसके फेफड़ों को बदलने की प्रक्रिया के लिए धन की जरूरत होती है।

यह दंपति उन परिवारों में से एक है, जो लंबे समय तक चलने वाले कोविड-19 के वित्तीय संस्करण का सामना कर रहे हैं। अत्यधिक चिकित्सा बिल, भावनात्मक तनाव और वित्तीय मदद के लिए विभिन्न अधिकारियों से संपर्क करने से उनका जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। परिवार का दावा है कि वह व्यक्ति के इलाज में पहले ही 1 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है, जिससे उनकी सारी बचत समाप्त हो गई है।

न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से पूछा कि क्या वे सरकार से एक निजी अस्पताल में खर्च की जा रही पूरी राशि की प्रतिपूर्ति की मांग कर रहे हैं, वकील ने स्पष्ट किया कि मामला प्रतिपूर्ति के बारे में नहीं है, बल्कि वित्तीय सहायता की मांग कर रहा है। चिकित्सा प्रक्रिया और अनुच्छेद 21 के तहत स्वास्थ्य के अधिकार का हवाला दिया।

वकील ने बताया कि पीएम केयर्स फंड ने 3 लाख रुपये और सीएम फंड ने 2 लाख रुपये जारी किए हैं, लेकिन याचिकाकर्ता के पति के फेफड़े के प्रत्यारोपण के लिए और अधिक वित्तीय सहायता की आवश्यकता है।

इस पर कोर्ट ने कहा, क्या आप सोच सकते हैं कि अगर हम इस मामले में नोटिस जारी करते हैं तो क्या होगा? जैसा कि उसने पूछा कि अब मरीज कहां है।

वकील ने कहा कि वह हैदराबाद के एक अस्पताल में प्रतिदिन 1.45 लाख रुपये खर्च करता है। पीठ ने कहा कि उसे मरीज के साथ सहानुभूति है और वह कोई रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है और मामले को आगे की सुनवाई के लिए 10 अगस्त को सूचीबद्ध किया है।

याचिकाकर्ता शीला मेहरा ने अधिवक्ता कृष्ण कुमार सिंह के माध्यम से दायर याचिका में कहा, याचिकाकर्ता ने अपने पति की दवा पर 1 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं और अपने पास उपलब्ध सभी धन को समाप्त करने के बाद ही मदद के लिए मुड़ी हैं। याचिकाकर्ता ने क्राउड फंडिंग की भी कोशिश की है, सामाजिक वेबसाइटों पर व्यक्तिगत अपील, वित्तीय मदद के लिए आधिकारिक उत्तरदाताओं से संपर्क करने से पहले मित्रों और परिचितों से ऋण।

मेहरा ने याचिका में कहा कि वित्तीय बाधाओं के कारण किसी भी जीवन का अंत नहीं होना चाहिए और राज्य उचित मामले में मदद देने के लिए बाध्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संकट की स्थिति में लोगों को राहत प्रदान करने के लिए पीएम-केयर्स फंड एक राष्ट्रीय प्रयास है।

--आईएएनएस

एसजीके

consult with ayurveda doctor.
डिस्क्लेमर - लेख का उद्देश्य आपतक सिर्फ सूचना पहुँचाना है. किसी भी औषधि,थेरेपी,जड़ी-बूटी या फल का चिकित्सकीय उपयोग कृपया योग्य आयुर्वेद चिकित्सक के दिशा निर्देश में ही करें।
Subscribe to our Newsletters