Home Blogs Herbs and Fruits बेर में छुपा है सेहत का खजाना, रामचरितमानस में भी मिलता है वर्णन

बेर में छुपा है सेहत का खजाना, रामचरितमानस में भी मिलता है वर्णन

By NirogStreet Desk| posted on :   08-Feb-2019| Herbs and Fruits

बेर - JUJUBE : छोटी बेर में सेहत का बड़ा खजाना

खट्टी - मीठी बेर तो आपने जरुर खायी होगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बेर में सेहत का खजाना छुपा हुआ है। चरक संहिता में भी बेर का विशेष रूप से जिक्र करते हुए इसके गुण के बारे में बताया गया है। चरक संहिता में बेर का वर्णन कुछ इस तरह से है -

बदरं मधुरं स्निग्धं भेदनं वातपित्तजित। तच्छुष्क्मं कफवातध्नं पित्ते न च विरुध्यते।। (चरकसंहिता)

संस्कृत में लिखे इन पंक्तियों का अर्थ है :

'पका बेर' मधुर रस वाला, स्निग्ध, मलभेदक तथा वात-पित्तविकारनाशक होता है जबकि 'सूखा बेर' कफ एवं वात विकारनाशक तथा पित्तविकार में भी अवरोधी है।

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बेर एक मौसमी फल है और अमूमन सर्दियों में इसकी पैदावार होती है। धार्मिक दृष्टिकोण से बसंतपंचमी के दिन होने वाली सरस्वती पूजा में इसका विशेष महत्व है। इसे प्रसाद के रूप में विद्या की देवी को चढ़ाया और ग्रहण किया जाता है। रामायण में भी बेर को लेकर एक कथा है. कथा के मुताबिक़ 'शबरी' ने 'श्रीराम' को अपने जूठे बेर खिलाया था ताकि उन्हें सिर्फ मीठे बेर मिले. शबरी के जूठे बेर को राम ने बड़े प्रेम से खाया और शबरी का उद्धार हुआ. यह तो इसका पौराणिक महत्व है, स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी यह एक बेहद उपयोगी और पौष्टिक फल है और हर मौसम में इसके सेवन से स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं को दूर रखा जा सकता है। आइये जानते हैं इसके खाने के फायदे -

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अच्छी नींद - अनिंद्रा की समस्या में बेर खाने से फायदा होता है। बेर में फ्लेवोनोइड्स- सैपोनिन और पॉलीसेकेराइड (flavonoids- saponins and polysaccharides) पाया जाता है। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार 'सैपोनिन' नींद आने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडेंट्स का खजाना - बेर में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाया जाता है जो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत कर बीमारियों को पनपने से रोकता है। 100 ग्राम बेर में 69 मिलीग्राम विटामिन सी पाया जाता है।

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कब्ज में फायदेमंद - बेर में प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो कब्ज की समस्या को दूर कर पाचनतंत्र को मजबूत बनाता है। बेर को नमक और कालीमिर्च के साथ खाने से अपच की समस्या दूर होती है। सूखे हुए बेर को खाने से कब्जियत दूर होती है।

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ब्लड प्रेशर नियंत्रण में सहायक - बेर में नमक की मात्रा कम और पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है जो हमारे रक्तचाप (blood pressure) को नियंत्रित करने में सहायक होता है। पोटेशियम रक्त नलिका (blood vessels) को रिलैक्स (relax) करता है जिससे रक्तप्रवाह अच्छी तरह से होता है और कोई अतिरिक्त दवाब भी नहीं पैदा होता। इससे ब्लड प्रेशर सामान्य बना रहता है।

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हड्डियों को मजबूत बनाता है - बेर में कैल्शियम, फॉस्फोरस और आयरन की अच्छी मात्रा पायी जाती है जिससे हमारी हड्डियाँ मजबूत होती है। ऑस्टियोपोरोसिस या हड्डियों से जुड़ी दूसरी बीमारियों को दूर रखने में बेर सहायक है।

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थकान और तनाव दूर करने में मददगार - बेर के सेवन का एक बड़ा फायदा ये है कि कि यह थकान कम करता है और दिमाग को शांत कर तनाव को भी दूर रखने में सहयोग करता है।

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बाल और त्वचा के लिए अच्छा - त्वचा पर यदि कहीं घाव हो या निशान हो तो बेर के गुदा को घिसकर लगाने से घाव जल्दी भर जाता है। बेर की पत्तियों में कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, पोटेशियम, सोडियम, क्लोरीन, प्रचुर मात्रा में होता है। यदि बेर और नीम के पत्ते पीसकर सिर में लगाएं तो इससे सिर के बाल गिरने कम होते हैं।

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फेफड़े संबंधी रोग - बेर का जूस पीने से बुखार और फेफड़े संबंधी रोग ठीक होते है।

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अस्थमा - बेर खाने से अस्थमा में आराम मिलता है। यदि मसूड़ों में घाव हो गया हो तो वह भी जल्दी भर जाता हैं।

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NirogStreet Desk

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