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लिव 52 डीएस टैबलेट के फायदे और नुकसान : Liv 52 DS Tablet Benefits and Side Effects

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By NS Desk | 13-Jul-2021

Liv 52 DS

Liv.52 DS का उपयोग पाचन तंत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए किया जाता है और यह कई तरह के लक्षणों या समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकता है। इसका उपयोग कब्ज, पाचन विकार, और भूख न लगना, पेट की समस्याओं या अपच सहित पेट के विभिन्न विकारों के लिए किया जा सकता

लिव 52 डीएस टैबलेट (Liv 52 DS Tablet) लीवर (यकृत) की देखभाल, उपचार और उसके प्रबंधन के लिए तैयार की एक प्रभावी आयुर्वेदिक दवा है जिसका निर्माण प्रसिद्ध कंपनी 'हिमालय वेलनेस' के द्वारा किया जाता है। लिव.52 डीएस की निर्माता कंपनी हिमालय के अनुसार लिव.52 डीएस एक दोहरी ताकत वाला हेपेटोस्पेस फॉर्मूलेशन है, जो यकृत  के विकारों के उपचार और प्रबंधन के लिए डिज़ाइन किया गया है। लिव 52 को 1955 में लॉन्च किया गया था और उसके बाद लीवर टॉनिक के रूप में इसकी ख्याति कुछ ऐसी फैली कि दुनिया भर के लाखों चिकित्सकों के द्वारा अलग-अलग तरह की हेपेटिक विकारों के लिए लिव.52 (टैबलेट और सिरप) का उपयोग मरीजों को ठीक करने में किया जाने लगा। गुणवत्ता के हिसाब से भी यह हर्बल दवा के लिए डब्ल्यूएचओ के मानकों पर खरा उतरा है। दुनिया भर में हुए शोध में यह प्रमाणित भी हो चुका है. यही वजह है कि अबतक इसपर तकरीबन 300 से अधिक शोध लेख वैज्ञानिक पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं जो इसकी श्रेष्ठता प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त है। 

लिव 52 में डब्ल्यूएचओ और आयुष दोनों द्वारा आयुर्वेदिक दवाओं के संदर्भ में हैवी मेटल्स (एनएमटी 10 पीपीएम ऑफ लेड) की जो मानक निर्धारित किए गए हैं, उसका भी बखूबी पालन किया गया है। लिव 52 डीएस टैब्लेट और सिरप दोनों रूप में उपलब्ध है। लिव 52 टैबलेट उन रसायनों को छोड़ता है जो पाचन तंत्र में सुधार करते है। इसके अलावा यह कई दूसरे तरीकों से भी पाचन तंत्र पर कार्य करते हैं, जैसे कि रोगाणुरोधी गतिविधि, कोलेस्ट्रॉल को कम करना, रक्त शर्करा के स्तर को कम करना और रोगियों के मल त्याग को नियमित करना।

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लिव 52 डीएस टैबलेट के उपयोग और लाभ - Liv. 52 DS Tablet Uses and Benefits in Hindi

  • Liv.52 DS का उपयोग पाचन तंत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए किया जाता है और यह कई तरह के लक्षणों या समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकता है।
  • इसका उपयोग कब्ज, पाचन विकार, और भूख न लगना, पेट की समस्याओं या अपच सहित पेट के विभिन्न विकारों के लिए किया जा सकता है।
  • यह दवा रोगी के लीवर को बढ़े हुए लीवर एंजाइम, पीलिया और हेपेटाइटिस ए और हेपेटाइटिस बी जैसी बीमारियों से होने वाले नुकसान को कम करती है। इसका उपयोग लीवर से संबंधित अन्य विकारों जैसे फैटी लीवर के लिए किया जा सकता है।
  • यह कई विकारों के उपचार में सहायक या अन्य दवाओं के पूरक के रूप में भी प्रयोग किया जाता है, क्योंकि यह ऐसे मामलों में उपचार को बढ़ावा दे सकता है और दुष्प्रभावों को कम कर सकता है। इसका उपयोग हेपेटोटॉक्सिक दवाओं के लिए एक सहायक के रूप में किया जाता है. यह हेमोडायलिसिस के लिए एक सहायक के रूप में भी प्रयोग किया जाता है और गर्भावस्था के दौरान भूख की कमी सहित कुछ लंबी बीमारियों के दौरान भी इसका उपयोग किया जाता है।
  • इसका उपयोग कई बीमारियों के पूरक उपचार के लिए किया जा सकता है, जिनमें सर्दी या अस्थमा जैसी बीमारियाँ भी शामिल है. इसका उपयोग मलेरिया, पित्त पथरी, एनोरेक्सिया, गैस्ट्रोएंटेराइटिस, साइनस की समस्याओं, ड्रॉप्सी, अल्सर, पेचिश या बुखार, सिरोसिस, मूत्रवर्धक रक्ताल्पता, बवासीर और रक्तस्राव विकारों के उपचार में किया जा सकता है, जिसमें मेनोरेजिया और मलाशय से रक्तस्राव शामिल है।

लिव 52 डीएस टैबलेट के दुष्प्रभाव - Liv. 52 DS Tablet Side effect in Hindi

  • लिव. 52 डीएस टैबलेट कुछ दुष्प्रभाव भी उभर कर सामने आ सकते हैं जो हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं. इस टैबलेट के सेवन से जुड़े कुछ दुष्प्रभाव निम्नलिखित हैं -
  • त्वचा की जलन
  • त्वचा की सूजन
  • यदि कोई रोगी ऊपर बताए गए दुष्प्रभावों के अलावा अन्य दुष्प्रभावों को नोटिस करता है, तो उसे तुरंत डॉक्टर को सूचित करना चाहिए।

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लिव 52 डीएस टैबलेट के मुख्य घटक तत्व - Liv.52 DS Tablet Ingredients in Hindi

  • चिकोरी (Chicory)

हिमालय लीवर 52 डीएस में हिमस्रा होता है, जिसे कापर बुश और चिकोरी (कसानी) के नाम से भी जाना जाता है। कासनी (चिकोरी) शराब विषाक्तता के खिलाफ यकृत की रक्षा करता है। यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट भी है, जिसे इसकी फ्री रैडिकल सफाई गुण के रूप मेंं देखा जा सकता है और इसमें हेपेटोप्रोटेक्टिव गुण मौजूद रहता है।

  • कैपर बुश (The Caper Bush)

कैपर बुश (हिमसरा) एक शक्तिशाली हेपेटोप्रोटेक्टिव है। यह प्लाज्मा और हेपेटिक कोशिकाओं में मैलोनडायल्डिहाइड (ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के लिए बायोमार्कर) के स्तर की ऊंचाई को रोकता है। कैपर बुश ALT और AST एंजाइम के स्तर को भी रोकता है और यकृत की कार्यात्मक दक्षता में सुधार करता है। साथ ही, कैपर बुश में मौजूद फ्लेवोनॉइड महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट गुणों का प्रदर्शन करते हैं।

लिव 52 डीएस टैबलेट की खुराक - Liv 52 DS Tablet Dose in Hindi

लिव.52 डीएस टैबलेट की उपयुक्त ख़ुराक लेनी चाहिए तभी इसका फायदा ज्यादा से ज्यादा रोगी को मिलेगा. एक मरीज को लिव 52 डीएस टैबलेट का सेवन ऐसे करना चाहिए - 

  • लिवर 52 डीएस टैबलेट को दिन में दो या तीन बार लेना चाहिए।इस संबंध में आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह कर लेना बेहतर होगा.  
  • भोजन के बाद इस दवा का सेवन करना चाहिए।
  • खुराक लेना न भूलें. समय पर ले.
  • निर्धारित खुराक से अधिक (Overdose) न लें।

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हिमालय लिव 52 और हिमालय लिव 52 डीएस में अंतर - Difference between Liv.52 and Liv.52 DS in Hindi

हिमालय लिव 52 और हिमालय लिव 52 डीएस दोनों का उपयोग लीवर संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। फर्क सिर्फ इतना है कि हिमालय लिव 52 डीएस एक डबल स्ट्रेंथ फॉर्म्युलेशन है। दोनों टैबलेट के रंग में भी अंतर होता है ।

लिव 52 डीएस से संबंधित चेतावनी/सावधानियां -  Liv 52 DS Safety Information in Hindi 

लिव 52 डीएस टैबलेट के सेवन के समय सतर्क रहने की जरुरत है और कोई परेशानी होने पर तुरंत अपने चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए. आइये जानते हैं कि  लिव 52 डीएस टैबलेट के सेवन के समय क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए.

  • लिव 52 डीएस टैबलेट के सेवन के समय शराब न पीने की सलाह दी जाती है.
  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को लिव 52 डीएस टैबलेट के प्रयोग के पहले अपने आयुर्वेदिक चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. 
  • लिव 52 डीएस टैबलेट शुरू करने से पहले अपने चिकित्सक को दूसरी बीमारी और उसके लिए चल रही दवाइयों के बारे में जरुर बताएं ताकि किसी तरह के दुष्प्रभाव की सम्भावना से बचा जा सके. ड्रग इंटरेक्शन कई बार किसी दवा की क्रिया को बढ़ा या घटा सकते हैं या अवांछित दुष्प्रभाव पैदा कर सकते हैं।
  • लिव 52 डीएस टैबलेट के सेवन को डॉक्टर के निर्देशानुसार ही लेना चाहिए.

लिव 52 डीएस का संग्रहण (स्टोरेज) - Liv 52 Ds Storage in Hindi

  • लिव 52 डीएस टैबलेट को कमरे के तापमान पर ही रखना चाहिए।
  • इसे सीधी गर्मी या धूप से दूर रखना चाहिए।
  • फ्रिज में न रखे 

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लिव 52 डीएस से संबंधित सामान्य प्रश्न - Liv 52 Ds FAQs in Hindi

  • क्या लिव 52 डीएस टैबलेट का सेवन शराब के साथ किया जा सकता है? 

लिव 52 डीएस टैबलेट इस टैबलेट का सेवन करने वाले रोगियों में नींद और उनींदापन पैदा कर सकता है। दवा का सेवन करते समय शराब का सेवन शामक प्रभाव को बढ़ा सकता है। इसलिए, यह सलाह दी जाती है कि रोगियों को लिव 52 डीएस लेते समय शराब के सेवन से बचना चाहिए।

  • लिव 52 डीएस (Liv 52 DS) का इलाज किसके लिए किया जाता है?

इसका उपयोग पाचनतंत्र की प्रक्रिया में सुधार के लिए किया जाता है।

  • क्या गर्भावस्था के दौरान Liv.52 DS टैबलेट का इस्तेमाल सुरक्षित है?

गर्भावस्था के दौरान लिव 52 डीएस टैबलेट के दुष्प्रभाव का मामला किसी शोध में प्रमाणित नहीं हुआ है लेकिन इसके सेवन से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक से जरुर परामर्श कर लेना चाहिए. 

  • क्या स्तनपान कराने वाली माताओं द्वारा Liv.52 DS टैबलेट का सेवन सुरक्षित है?

स्तनपान कराने वाली माताओं को इससे बचना चाहिए। आपात स्थिति में, Liv.52 DS का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

  • क्या फैटी लीवर के लिए Liv.52 DS Tablet अच्छा है?

यह देखा गया है कि लिव 52 का दैनिक सेवन शरीर में भूख, पाचन और आत्मसात करने की प्रक्रिया में सुधार करने में मदद करता है। इस टैबलेट के निरंतर उपयोग से लीवर की कार्यक्षमता में सुधार होता है. 

  • लिव.52 टैबलेट का सेवन कब करना चाहिए?

इसे आमतौर पर भोजन करने के बाद लेना चाहिए। हालांकि, अगर कोई मरीज वजन बढ़ाना चाहता है तो भोजन से 30 मिनट पहले दवा लेना सबसे अच्छा है। यह भूख बढ़ाने और पाचन में सुधार करने में मदद करता है।

  • क्या लिव 52 डीएस टैबलेट भूख बढ़ाता है?

उत्तर: हाँ। यह पाचन प्रक्रिया में सुधार करके भूख बढाता है. 

  • लिव 52 डीएस टैबलेट लेने का सबसे अच्छा समय क्या है?

ज्यादातर मामलों में, लिव 52 को भोजन करने से 30 मिनट पहले लेना चाहिए। दवा को 30 मिनट पहले लेने से भूख, पित्त स्राव, यकृत के कार्य आदि को उत्तेजित करने में मदद मिलती है।

  • लिव 52 डीएस टैबलेट कैसे काम करता है?

लिव 52 डीएस टैबलेट डीएस यकृत पैरेन्काइमा की रक्षा करके और हेपैटोसेलुलर पुनर्जनन को बढ़ावा देकर यकृत की कार्यात्मक प्रभावकारिता को बहाल करके काम करता है। यह पुरानी शराब में लिपोट्रोपिक (यौगिक जो वसा के टूटने को उत्प्रेरित करने में मदद करता है) प्रभाव को कम करता है और यकृत में वसा के जमाव को रोकता है।

  • क्या कब्ज और लीवर की समस्याओं के लिए Liv.52 DS tablet का प्रयोग किया जा सकता है?

हाँ

  • लिव 52 डीएस टैबलेट का प्रयोग कितने समय तक करना चाहिए?

रोगी इसके सेवन के 1 सप्ताह या 1 महीने में सुधार देख सकते हैं। लेकिन, यह सुझाव दिया जाता है कि रोगियों को डॉक्टर से परामर्श के बिना लंबे समय तक Liv.52 नहीं लेना चाहिए।

  • क्या लिव 52 डीएस टैबलेट का सेवन करते समय वाहन चलाना या भारी मशीन चलाना सुरक्षित है?

यदि किसी मरीज को इस टैबलेट का उपयोग करने के दुष्प्रभावों के रूप में चक्कर आना, सिरदर्द या निम्न रक्तचाप का अनुभव होता है, तो भारी मशीन चलाना या गाड़ी चलाना सुरक्षित नहीं हो सकता है। लिव 52 डीएस टैबलेट, रोगी के रक्तचाप को भी कम कर सकता है।

  • क्या लिव 52 डीएस टैबलेट के लम्बे समय तक उसके सेवन से उसकी लत पड़ जाती है? 

नहीं, कोई लत नहीं पड़ती.

  • लिव 52 डीएस टैबलेट के दुष्प्रभाव क्या हैं?

लिव 52 डीएस टैबलेट से जुड़े कुछ साइड इफेक्ट्स में त्वचा में जलन और सूजन महसूस हो सकती है. 

लिव 52 डीएस टैबलेट की ऑनलाइन खरीद - Liv.52 DS Tablet Buy Online

संदर्भ - References 

(1) हिमालय वेलनेस (https://himalayawellness.in/products/liv-52-ds) 

अंग्रेजी में पढ़े ► Benefits And Side Effects of Himalaya Liv.52 Syrup

consult with ayurveda doctor.
डिस्क्लेमर - लेख का उद्देश्य आपतक सिर्फ सूचना पहुँचाना है. किसी भी औषधि,थेरेपी,जड़ी-बूटी या फल का चिकित्सकीय उपयोग कृपया योग्य आयुर्वेद चिकित्सक के दिशा निर्देश में ही करें।
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