कश्मीर में आयुष उत्सव का उद्घाटन

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By NS Desk | 04-Nov-2022

kashmir me ayush utsav

आयुष मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज कश्मीर के गांदरबल में सरकारी यूनानी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीयूएमसी) में आयुष उत्सव का उद्घाटन किया।

केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन एवं जलमार्ग तथा आयुष मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज कश्मीर के गांदरबल में सरकारी यूनानी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीयूएमसी) में आयुष उत्सव का उद्घाटन किया। आधुनिक रोगी देखभाल के पूरक के तौर पर पारंपरिक औषधीय प्रथाओं को सक्षम करने के लिए सरकार की ओर से जोर देते हुए, केंद्रीय आयुष मंत्री द्वारा आयुष उत्सव के शुभारंभ के साथ-साथ 'स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को दूर करना: आयुष, एक आशाजनक सहारा' नामक एक संगोष्ठी का उद्घाटन किया गया।

चर्चा में औषधीय जड़ी बूटियों का प्रदर्शन, छात्रों द्वारा पोस्टर और साथ ही परिसर में आयुष निदेशालय द्वारा एक वीडियो वृत्तचित्र का प्रदर्शन भी देखा गया। जम्मू-कश्मीर में आयुष चिकित्सा प्रणाली द्वारा हासिल की गई ताकत और प्रगति को प्रदर्शित करने के लिए एक वीडियो वृत्तचित्र भी दिखाया गया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में, श्री सोनोवाल ने कहा, “मानव जीवन को लाभान्वित करने के साथ-साथ उनके संवर्धन के लिए हमारी समृद्ध पारंपरिक औषधीय परंपराओं के महत्व का बेहतर उपयोग किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के सशक्त नेतृत्व में, आयुष औषधीय परंपराओं को बढ़ावा देने और लोगों की समग्र रोगमुक्ति और कल्याण के लिए आधुनिक औषधीय उपचारों के साथ इसे पूरक बनाने के लिए एक ठोस प्रयास किया गया है। मोदी जी के विजन को आगे बढ़ाते हुए यह बड़े गर्व की बात है कि गुजरात के जामनगर में ग्लोबल सेंटर ऑफ ट्रेडिशनल मेडिसिन की स्थापना हो रही है। भारत के साथ-साथ विश्व स्तर पर पारंपरिक औषधीय परंपराओं को और मजबूत करने के लिए यह एक शानदार समाचार है।”

आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को सक्षम करने के लिए, केंद्रीय मंत्री ने पहले क्षेत्र के व्यस्त पर्यटन स्थल पर जरूरतमंदों के लाभ के लिए पर्यटन स्थल को ध्यान में रखते हुए सोनमर्ग में तीन-दिवसीय प्राथमिक चिकित्सा/बीएलएस प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया। गांदरबल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने केंद्रीय मंत्री को प्राथमिक उपचार/बीएलएस प्रशिक्षण के महत्व और व्यापक रूप से आम जनता के हित के लिए कश्मीर के स्वास्थ्य सेवा निदेशक की ओर से कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को लेकर लोकसंपर्क अभियान पर अत्यधिक जोर दिए जाने के बारे में अवगत कराया। बाद में, श्री सोनोवाल को डीएचएसके के मास्टर ट्रेनर बीएलएस द्वारा बीएलएस मॉड्यूल के बारे में जानकारी दी गई, जिसको लेकर अनुकूलन आधारित कार्यप्रणाली पर हितधारकों के साथ विचार-विमर्श किया जा रहा है। यह अपनी तरह का पहला प्रशिक्षण है और सोनमर्ग में पहली बार आयोजित किया जा रहा है, क्योंकि इसे सभी मौसम के अनुकूल पर्यटन स्थल के रूप में खोला गया है।

केंद्रीय मंत्री ने ट्राउट फिश फार्म-हैमर का भी दौरा किया और फार्म में उपलब्ध सुविधाओं जैसे रेस वे, सर्कुलर पोंड, स्टॉकिंग पोंड, ओवा हाउस, इंडोर रीयरिंग हैचरी, ट्राउट फीड मिल, मनोरंजक मछली तालाब आदि का निरीक्षण किया। श्री सोनोवाल ने प्रशिक्षण, अनुसंधान, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन और सरकार से युवा उद्यमियों को मिलने वाली सहायता के उपाय सहित रेनबो ट्राउट मछली पकड़ने की गतिविधियों पर लोगों की बातों को ध्यान से सुना। श्री सर्बानंद सोनोवाल को बताया गया कि फार्म की पालन क्षमता 0.25 लाख और अंडे सेने की क्षमता 4 लाख है।

सोनोवाल ने राष्ट्रीय मत्स्य बीज फार्म मानसबल का दौरा किया, जहां मुख्य परियोजना अधिकारी ने उन्हें राष्ट्रीय मत्स्य बीज फार्म मानसबल के महत्व और मछली पालन के कार्य और अपने कब्जे वाले क्षेत्रों दोनों में मछली पालन के प्रसार के लिए की गई विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। मत्स्य बीज उत्पादन की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए, श्री सोनोवाल को बताया गया कि वर्ष 2022-23 के दौरान लगभग 40.00 लाख कार्प फिश फ्राई उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त किया गया है, जिसमें से काफी संख्या में मत्स्य बीज को एक्वा-रंचिंग कार्यक्रम के तहत प्राकृतिक जलाशयों में भंडारित किया गया है और विभिन्न निजी और सरकारी कार्प मछली फार्मों को भी आपूर्ति की गई।

सोनोवाल को मत्स्य बीज उत्पादन, पालन और बाद में मछली और मछली बीज की बिक्री के अलावा केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति, कम लागत वाले घर, ऑटो रिक्शा, मत्स्य पालन से जुड़े क्राफ्ट और गियर के साथ-साथ मछुआरा समुदाय के उत्थान के लिए संचालित अन्य कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा श्री सोनोवाल को अत्याधुनिक ट्राउट फीड मिल, मानसबल के बारे में जानकारी दी गई, जो पूरे केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में निजी क्षेत्र के साथ-साथ सरकार में ट्राउट फीड की मांग को पूरा कर रही है।

श्री सोनोवाल ने मानसबल पार्क का दौरा किया जहां उन्होंने 'ग्रीन कश्मीर' पहल के तहत पार्क के भीतर वृक्षारोपण अभियान शुरू किया। श्री सोनोवाल ने मानसबल, सफापोरा स्थित भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के तहत सेंट्रल सिल्क बोर्ड के पी-4, बेसिक सीड फार्म का भी दौरा किया। वरिष्ठ वैज्ञानिक/प्रमुख डॉ. राजेश कुमार ने कश्मीर के बायोबोल्टाइन रेशम और भारत में इन स्टेशनों के महत्व के बारे में बताया। यह भारत में समशीतोष्ण मूल के रेशमकीट बीज के साथ-साथ शहतूत शीतोष्ण के शहतूत राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्मप्लाज्म बैंक को बनाए रखने वाला एकमात्र स्टेशन है। इस अवसर पर श्री सोनोवाल ने जिले के रेशम उत्पादन करने वाले किसानों से भी बातचीत की।

इससे पहले, जम्मू-कश्मीर के आयुष निदेशक डॉ. मोहन सिंह ने भी केंद्र शासित प्रदेश में आयुष की परंपराओं को स्थानीय नाम से प्रचलित करने के लिए विभाग की उपलब्धियों के बारे में विस्तार से बताया। डॉ. सिंह ने कहा कि आयुष स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र स्थापित किए गए हैं और योग प्रशिक्षकों को योग आसन के माध्यम से स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और रोगों की रोकथाम के लिए सभी आयुष स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों में लगाया गया है।

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि जम्मू-कश्मीर हाउसिंग बोर्ड द्वारा 32.50 करोड़ की लागत से जीयूएमसी, गांदरबल का निर्माण किया गया है। प्रासंगिक रूप से, सरकारी यूनानी मेडिकल कॉलेज (जीयूएमसी) एवं अस्पताल गांदरबल कश्मीर को केंद्र सरकार द्वारा यूनानी चिकित्सा और सर्जरी (बीयूएमएस) पाठ्यक्रम में स्नातक का पहला बैच 2020-21 के शैक्षणिक सत्र से 60 सीटों की प्रवेश क्षमता के साथ शुरू करने की अनुमति दी गई थी।
यह अंग्रेजी में भी पढ़े► Sarbananda Sonowal Inaugurates ‘Ayush Utsav’ in Kashmir

डिस्क्लेमर - लेख का उद्देश्य आपतक सिर्फ सूचना पहुँचाना है. किसी भी औषधि,थेरेपी,जड़ी-बूटी या फल का चिकित्सकीय उपयोग कृपया योग्य आयुर्वेद चिकित्सक के दिशा निर्देश में ही करें।