Home Blogs Vaidya Street क्रॉनिक किडनी डिजीज में आयुर्वेद का कमाल, पढ़िए वैद्य अनुज जैन की केस स्टडी

क्रॉनिक किडनी डिजीज में आयुर्वेद का कमाल, पढ़िए वैद्य अनुज जैन की केस स्टडी

By NS Desk | Vaidya Street | Posted on :   09-Jan-2021

Vaid Anuj Jain

वर्षो पुरानी बीमारी (Diseases) के इलाज (Treatment) में भी आयुर्वेद (Ayurveda) कारगर सिद्ध होता है और ऐसे चमत्कारिक परिणाम सामने आते हैं कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान (Modern Medical Science) भी नतमस्तक हुए बिना नहीं रह सकता. वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक अनुज जैन (Anuj Jain) समय-समय पर ऐसे मामलों को सोशल मीडिया पर साझा करते रहते हैं. ऐसे ही एक केस स्टडी (Case Study) को उन्होंने साझा किया है जिसमें क्रॉनिक किडनी डिजीज (Chronic Kidney Disease) के एक रोगी को महज एक महीने के ही आयुर्वेदिक चिकित्सा (Ayurvedic Medicine) से चमत्कारिक लाभ प्राप्त हुआ. उसी केस स्टडी को हम निरोगस्ट्रीट (NirogStreet) के पाठकों के लिए यहाँ साझा कर रहे हैं.

वैद्य अनुज जैन की केस स्टडी : Vaid Anuj Jain Case Study 

बचपन से नेफ्रोटिक सिंड्रोम बीमारी - Nephrotic Syndrome Disease From Childhood

  • ये केस है 27 वर्षीय निर्भय की,
  • जब ये 5 साल के थे तभी से नेफ्रोटिक सिंड्रोम नाम की बीमारी डायग्नोस हुई , 
  • यह बीमारी अधिकतर बच्चों में देखी जाती है इसमे हाथ पैर व चेहरे पर सूजन आने लगती है और यूरिन में प्रोटीन लीक होने लगता है , 
  • प्रोटीन लीक व्यस्को में भी होता है .. 
  • प्रोटीन लीक होने का मतलब किडनी सही से काम नही कर रही यह इसका लक्षण होता है 
  • और आगे जाकर किडनी धीरे धीरे काम करना बंद करती जाती है उसी को क्रोनिक किडनी फेलियर कहते है 

( यह भी पढ़े ► बच्चे को आयुर्वेद ने सर्जरी से बचाया, पढ़िए वैद्य नम्रता कुलश्रेष्ठ की केस स्टडी)

बीमारी की अगली स्टेज - क्रॉनिक किडनी डिजीज - Next Stage Of The Disease - Chronic Kidney Disease

  • इनके साथ भी ऐसा ही हुआ 5 साल की उम्र से इलाज शुरू हुआ और प्रोटीन कम ज्यादा होता रहा 
  • लेकिन फिर इसकी अगली स्टेज ckd (chronic kidney disease) में 8 साल पहले पहुचे जब क्रिएटिनिन बढ़ना शुरू हुआ

एक माह में आयुर्वेद का चमत्कार - Miracle of Ayurveda

  • जो काम 8 साल और 22 साल में नही हुआ वो काम आयुर्वेद ने एक माह में कर दिया 
  • 8 साल बाद इन्होंने क्रिएटिनिन नार्मल देखा है ! 

निदान और चिकित्सा - Diagnosis And Treatment

  • निदान- ओजोमेह जन्य वृक्क विकृति 
  • चिकित्सा - ओजोमेह  

मुख्य व्याधि की चिकित्सा (Main Disease Treatment) करने से उपद्रव स्वयं शांत हो जाते है 

केस स्टडी को वैद्य अनुज जैन के सोशल मीडिया प्रोफाइल से साभार लिया गया है. केस स्टडी के प्रमाण के तौर पर रोगी की टेस्ट रिपोर्ट और वहाट्सएप मैसेज की प्रति भी संलग्न है. लेकिन गोपनीयता बनाये रखने के लिए रोगी का नाम और उसके मोबाइल नंबर को हटा दिया गया है. 

(यदि आपके पास भी ऐसी कोई केस स्टडी हो तो निरोगस्ट्रीट के पास भेजें. हम इसे प्रकाशित करेंगे ताकि आयुर्वेद की शक्ति से दुनिया भी परिचित हो)

यह भी पढ़े ► ह्रदय रोग और हार्ट ब्लॉकेज की समस्या का आयुर्वेदिक निदान

NS Desk

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