Home Blogs NirogStreet News चीन में समुद्री खाद्य वस्तुओं से फैला कोरोना वायरस : डॉ. हर्षवर्धन

चीन में समुद्री खाद्य वस्तुओं से फैला कोरोना वायरस : डॉ. हर्षवर्धन

By NS Desk | NirogStreet News | Posted on :   10-Feb-2020

डॉ. हर्ष वर्धन, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री (फोटो - फ़ाइल फूटेज )

नई दिल्ली, 10 फरवरी | चीन में आठ सौ से अधिक लोगों की जान ले चुका कोरोना वायरस (विषाणु) चाइनीज सी-फूड यानी मछलियों समेत अन्य समुद्री खाद्य प्राणियों से फैलना शुरू हुआ। बेहद कम समय में यह विषाणु चीन के सभी प्रांतों में फैल गया। भारत को नोवेल कोरोना वायरस के संबंध में चीन से पहली सूचना 31 दिसंबर को मिली थी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने सोमवार को संसद को यह जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि दिसंबर की शुरुआत में इस वायरस के प्रकोप को चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर के सीफूड बाजार में नोटिस किया गया था। वहां से यह वायरस पहले वुहान शहर और फिर चीन के 30 अन्य राज्यों में फैल गया।

डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा, "9 फरवरी तक चीन में कोरोना वायरस के 37,198 मामले सामने आए हैं और 811 लोगों की मौत हो चुकी है। चीन के अलावा 27 देशों (हांगकांग, मकाऊ तथा ताइवान) में 354 और मामले सामने आए हैं। चीन से सूचित मामलों और मौतों की संख्या में वृद्धि हो रही है।"

उन्होंने कहा, "नोवेल कोरोना वायरस के बड़े समूह के कारण इंसानों तथा जानवरों में बीमारियां फैलती हैं। पशुओं में पनपे कोरोना वायरस कभी-कभार विकसित होकर लोगों को संक्रमित करते हैं तथा उसके बाद वायरस अन्य लोगों में फैलने लगते हैं।"

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 30 जनवरी को इस महामारी को पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न (पीएचआईईसी) घोषित किया। इस वायरस से संक्रमित होने के बाद किसी सामान्य व्यक्ति के शरीर में बीमारी विकसित होने में लगभग 2 सप्ताह लग सकता है।

नोवेल कोरोना वायरस के मुख्य लक्षण हैं बुखार, खांसी और सांस लेने में दिक्कत। रेडियोलॉजिकल साक्ष्य निमोनिया जैसे होंगे। 10 प्रतिशत से 20 प्रतिशत मामलों में रोग इतना गंभीर हो सकता है कि वेनटिलेटरी सहायता की जरूरत पड़े। ऐसे मामलों में मृत्यु-दर लगभग 2 प्रतिशत है। मनुष्य से मनुष्य में संप्रेषण के मामले नोवेल कोरोना वायरस में देखे गए हैं तथा ये संक्रमित व्यक्ति के सन्निकट रहने वाले लोगों में ड्रापलेट्स/एयरोसोल के माध्यम से फैलता है।

डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा, "संक्रमित रोगियों के फीकल नमूनों में इस वायरस के पाए जाने की रिपोर्टों के सार्वजनिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों संबंधी अध्ययन किए जा रहे हैं। नोवेल कोरोना वायरस को और फैलने से रोकने के लिए इस रोग के सभी संदिग्ध एवं संभावित मामलों को बैरियर नर्सिग एवं संपूर्ण सावधानियों के साथ अलग से उपचार किया जाना चाहिए।"

भारत में अभी तक कोरोना वायरस के तीन मामले सामने आए हैं। तीनों रोगी केरल के हैं और इन तीनों ने पिछले दिनों चीन के वुहान शहर की यात्रा की थी।

(आईएएनएस)

NS Desk

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