Home Blogs NIrog Tips चेहरे और गले पर खुजली की वजह से लाल फुंसियां हो गई है। क्या करूँ?

चेहरे और गले पर खुजली की वजह से लाल फुंसियां हो गई है। क्या करूँ?

By Dr Abhishek Gupta | NIrog Tips | Posted on :   22-May-2019

NIROGSTREET DOCTOR

प्रश्न: मेरे चेहरे और गले पर लाल फुंसियां हो गई है। इनमें खुजली होती है और सफ़ेद कील भी निकल रही है। इससे पहले कभी फुंसियां नहीं हुई, ये जनवरी से शुरु हुए हैं। इसके क्या कारण हो सकते हैं? कृपया उपाय बताएं।

- डॉ. अभिषेक गुप्ता (मुख्य चिकित्सा अधिकारी, निरोग स्ट्रीट) का जवाब

कारण: सामान्यतः युवा अवस्था में यह समस्या अधिकतर लोगों को होती है, आयुर्वेद में इस समस्या को यौवन पीड़िका के नाम से भी जानते हैं, शरीर में जब पित्त की वृद्धि हो जाती है तब यह रोग होता है। इस समस्या के होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे युवा अवस्था में शरीर में हॉर्मोन्स के बदलाव होना, तली-भुनी, मिर्च-मसाले वाली चीज़ों का अधिक सेवन, कम मात्रा में पानी पीना, नियमित रूप से पेट साफ़ नहीं (कब्ज रहती है) रहने से या आजकल लोग सुंदरता की चाह में कई तरह के केमिकल युक्त कॉस्मेटिक उत्पादों का चेहरे पर प्रयोग करते हैं जिनके साइड इफेक्ट्स से यह परेशानी हो सकती है। यह समस्या ऑयली स्किन वाले लोगों को अधिक होती है क्योंकि अधिक ऑयल के कारण चेहरे पर मौजूद सेबेसियस ग्लांड् जल्दी ब्लॉक हो जाती है जो डेड सेल्स के साथ मिलकर कील-मुँहासे के रूप में बाहर आते हैं।

बचाव: अधिक मात्रा में पानी का सेवन करें, ऊपर बताये गए कारणों के सेवन से बचें, साबुन व फेस वाश का प्रयोग न करें इसके स्थान पर दही, गुलाब जल व टमाटर-खीरे के जूस को नियमित रूप से चेहरे पर लगायें, इनको मुल्तानी मिटटी के साथ मिलाकर भी प्रयोग कर सकते हैं। सप्ताह में एक बार चेहरे पर गर्म पानी की भाप लें इससे डेड सेल्स खुलते हैं। मुहांसे अधिक दर्द कर रहे हों तो जायफल को गुलाबजल के साथ घिसकर इसके पेस्ट को मुहांसे पर 30 मिनट के लिए लगायें। कब्ज रहती हो तो 20-25 भीगे हुए किशमिश व गुलकंद दिन में लें व रात में इसबगोल का सेवन करें। बिना मलाई वाले दूध में हल्दी डालकर उबालकर सामान्य तापमान में आने पर पियें। मंजिष्ठा क्वाथ का सेवन करें। अधिक परेशानी होने पर अपने पास के आयुर्वेद चिकित्सक को दिखायें।

(मूलतः भास्कर में प्रकाशित)

डिस्क्लेमर - लेख का उद्देश्य आपतक सिर्फ सूचना पहुँचाना है. किसी भी औषधि,थेरेपी,जड़ी-बूटी या फल का चिकित्सकीय उपयोग कृपया योग्य आयुर्वेद चिकित्सक के दिशा निर्देश में ही करें।