Home Blogs CoronaVirus News 20 करोड़ के महामारी पैकेज में बमुश्किल 10 प्रतिशत वितरित : आरटीआई

20 करोड़ के महामारी पैकेज में बमुश्किल 10 प्रतिशत वितरित : आरटीआई

By NS Desk | CoronaVirus News | Posted on :   11-Dec-2020

मुंबई, 11 दिसंबर (आईएएनएस)। मई में, जब केंद्र ने बड़े पैमाने पर 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की, तो कोविड से परेशान देश ने महामारी की वजह से लॉकडाउन के मद्देनजर इसकी उत्साह से सराहना की।

फिर जैसा कि बाद में पता चला, यह खुशी समय से पहले की थी। इस बाबत नेट मंजूरी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित बड़ी राशि की तुलना में बहुत मामूली थी।

20 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक वित्तीय पैकेज के सटीक लाभों को उजागर करने का प्रयास करते हुए, पुणे के एक व्यापारी प्रफुल्ल शारदा ने आरटीआई के तहत एक प्रश्न दायर किया, और केंद्र से इस बाबत कुछ चौंकाने वाले जवाब मिले।

अन्य बातों के अलावा, उन्होंने बड़े पैमाने पर 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज, सेक्टर-वार और राज्य-वार और क्या कोई शेष राशि सरकार के पास लंबित है, के विवरण की मांग की।

मंत्रालय ने जानकारी दी कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत, एक इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी योजना शुरू की गई थी, जो 31 अक्टूबर तक या ईसीएलजीएस के तहत 3 लाख-करोड़ रुपये के स्वीकृत होने तक, इनमें से जो भी पहले हो, उस समय तक उपलब्ध थी।

शारदा ने कहा, अब तक ईसीएलजीएस के माध्यम से 3 लाख करोड़ रुपये मंजूर किए जा चुके हैं। सरकार ने विभिन्न राज्यों को कर्ज के रूप में लगभग 1.20 लाख करोड़ रुपये दिए हैं।

उन्होंने कहा कि यह 130 करोड़ भारतीय आबादी के सिर पर लगभग 8 रुपये का ऋण है, जिसे किसी समय बाद में वापस करना होगा।

शारदा ने कहा, सरकार ने 3 लाख करोड़ रुपये की मंजूरी दी है, जिसमें से लगभग 40 प्रतिशत (1.20 लाख-करोड़ रुपये) का वितरण किया गया है। बड़ा सवाल यह है कि घोषणा के 8 माह बाद कुल पैकेज में से 17 लाख-करोड़ रुपये की शेष राशि कहां है। क्या यह भारतीय जनता पर एक और धोखा (जुमला) था।

आरटीआई के उत्तर के अनुसार, जबकि महाराष्ट्र ने 14,364.30 करोड़ रुपये के ईसीएलजीएस के तहत सबसे अधिक ऋण लिया, तमिलनाडु इस सूची में 12,445.58 करोड़ रुपये के साथ दूसरे स्थान पर रहा, इसके बाद गुजरात 12,005.92 करोड़ रुपये के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

सूची में आगे उत्तर प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक हैं, जिसने ईसीएलजीएस के तहत क्रमश: 8,907.38 करोड़ रुपये, 7,490.01 करोड़ रुपये और 7,249.99 करोड़ रुपये लिए।

शारदा ने कहा कि 20 लाख करोड़ रुपये के अभूतपूर्व सहायता पैकेज से, ईसीएलजीएस के तहत केवल 3 लाख करोड़ रुपये मंजूर किए गए और इसमें से देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मुश्किल से 1.20 लाख करोड़ रुपये का वितरण किया गया है।

उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में विनिर्माण क्षेत्र, आतिथ्य और पर्यटन उद्योग, मीडिया और संबद्ध क्षेत्र और असंगठित क्षेत्र के सभी उद्योग शामिल हैं।

शारदा ने कहा, 6 करोड़ से अधिक एमएसएमई और एसएमई बंद हो गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप 15-करोड़ से अधिक लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।

--आईएएनएस

आरएचए/एएनएम

NS Desk

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