Home Blogs CoronaVirus News लंबे कोविड सिंड्रोम के कारण बनता है रक्त का थक्का: अध्ययन

लंबे कोविड सिंड्रोम के कारण बनता है रक्त का थक्का: अध्ययन

By NS Desk | CoronaVirus News | Posted on :   17-Aug-2021

लंदन, 17 अगस्त (आईएएनएस)। एक शोध में पाया गया है कि लॉन्ग कोविड सिंड्रोम वाले मरीजों में रक्त के थक्के जमने का इलाज उनके लक्षणों को पता लगाने मदद कर सकता हैं, जैसे कि कम शारीरिक फिटनेस और थकान।

गंभीर तीव्र कोविड -19 के रोगियों में खतरनाक थक्के देखे गए हैं, लॉन्ग कोविड सिंड्रोम के बारे में बहुत कम जानकारी है, जहां लक्षण प्रारंभिक संक्रमण के हल होने के बाद हफ्तों से लेकर महीनों तक रहते हैं। इससे दुनिया भर में लाखों लोग प्रभावित हो सकते हैं।

आयरलैंड में आरसीएसआई यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसिन एंड हेल्थ साइंसेज के शोधकतार्ओं ने लॉन्ग कोविड सिंड्रोम के लक्षणों वाले 50 रोगियों की जांच की ताकि यह बेहतर ढंग से समझा जा सके कि रक्त का थक्का क्यों बनता है।

उन्होंने पाया कि स्वस्थ नियंत्रण की तुलना में लॉन्ग कोविड सिंड्रोम वाले रोगियों के रक्त में क्लॉटिंग का स्तर काफी बढ़ा हुआ है। ये क्लॉटिंग मार्कर उन रोगियों में अधिक थे जिन्हें अपने प्रारंभिक कोविड -19 संक्रमण के साथ अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता थी, लेकिन उन्होंने यह भी पाया कि जो लोग घर पर अपनी बीमारी का प्रबंधन करने में सक्षम थे, उनमें भी लगातार उच्च थक्के पाए गए थे।

जर्नल ऑफ थ्रोम्बोसिस एंड हेमोस्टेसिस में प्रकाशित अध्ययन में, टीम ने देखा कि उच्च थक्के का सीधा संबंध लॉन्ग कोविड सिंड्रोम के अन्य लक्षणों से होता है, जैसे कि कम शारीरिक फिटनेस और थकान। भले ही सूजन के निशान सभी सामान्य स्तर पर लौट आए थे, लेकिन बढ़ी हुई थक्के की क्षमता अभी भी लॉन्ग कोविड रोगियों में मौजूद थी।

आरसीएसआई स्कूल ऑफ फामेर्सी एंड बायोमोलेक्यूलर साइंसेज में आयरिश सेंटर फॉर वैस्कुलर बायोलॉजी में डॉक्टरेट की छात्रा, प्रमुख लेखक डॉ हेलेन फोगार्टी ने कहा कि चूंकि क्लॉटिंग मार्कर ऊंचे हो गए थे, जबकि सूजन के निशान सामान्य हो गए थे, हमारे परिणाम बताते हैं कि क्लॉटिंग सिस्टम लॉन्ग कोविड सिंड्रोम के मूल कारण में शामिल हो सकता है।

डेली मेल ने बताया कि एक अलग अध्ययन में, यूके में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय की एक टीम ने पाया कि साइटोकिन्स नामक छोटे प्रोटीन अणुओं का लॉन्ग कोविड की स्थिति से संबंध है।

साइटोकिन्स, जो संक्रमण के जवाब में शरीर द्वारा निर्मित होते हैं, अक्सर संक्रमण के बाद महीनों तक किसी व्यक्ति के शरीर में पाए जाते हैं।

उन्होंने एक सरल नया रक्त परीक्षण विकसित किया जो यह निर्धारित कर सकता है कि कोविड -19 बचे लोगों को दीर्घकालिक लक्षणों का अनुभव होगा।

--आईएएनएस

एमएसबी/एएनएम

NS Desk

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