Home Blogs CoronaVirus News यूपी कोविड पैनल ने हर शहर में रेंडम जीनोम अनुक्रमण का सुझाव दिया

यूपी कोविड पैनल ने हर शहर में रेंडम जीनोम अनुक्रमण का सुझाव दिया

By NS Desk | CoronaVirus News | Posted on :   06-Jul-2021

लखनऊ, 6 जुलाई (आईएएनएस)। कोविड नियंत्रण के लिए राज्य सलाहकार समिति ने हर शहर में पांच प्रतिशत नमूनों का रेंडम जीनोम अनुक्रमण करने की सिफारिश की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी गई योजना में पैनल ने कहा है कि राज्य में डेल्टा प्लस वेरिएंट के प्रसार को रोकने के लिए यह महत्वपूर्ण है।

प्रो. आर.के. समिति के प्रमुख संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसजीपीजीआईएमएस) के निदेशक धीमान ने कहा, योजना को डेल्टा प्लस वेरिएंट के रूप में प्रस्तुत किया गया है जो चिंता का एक विषय है। हमने पांच प्रतिशत जीनोम अनुक्रमण करने की सिफारिश की है। हर शहर में रेंडम आधार पर 5 प्रतिशत नमूने और दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों जो हवाई यात्रा, ट्रेन, बस या अपनी कारों से आ रहे है उन पर कड़ी निगरानी रखने को कहा है।

उन्होंने आगे कहा कि अधिकारी डेल्टा प्लस वेरिएंट से लड़ने के लिए बेहतर तरीके से तैयार हैं क्योंकि तीसरी लहर का मुकाबला करने की रणनीति पहले से तैयार की गई है। एक बार उत्परिवर्तन का पता चलने के बाद, नियंत्रण क्षेत्र सख्ती से बनाए जाएंगे, जहां किसी भी मामले में किसी भी आंदोलन की अनुमति नहीं होगी।

उन्होंने पुलिस, हवाई अड्डे, रेलवे, रोडवेज, राजमार्ग, स्वास्थ्य कर्मियों, डॉक्टरों, पैरामेडिकल वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स, नगर निगमों और विभिन्न निगरानी समितियों जैसे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय का सुझाव दिया।

प्रो. धीमान ने कहा, डेल्टा वायरस की तीन प्रमुख विशेषताएं हैं, पहला यह कि अधिक संक्रामकता, संप्रेषण क्षमता है, दूसरा यह दोगुनी गति से फैलता है और इसमें अधिक विषाणु क्षमता होती है। यही कारण है कि यह अधिक गंभीर बीमारी का कारण बनता है। तीसरी विशेषता यह है कि इसमें प्राकृतिक प्रतिरक्षा से बचने की क्षमता होती है।

उन्होंने यह भी कहा, टीकाकरण अभी भी डेल्टा सहित सभी प्रकारों के खिलाफ एक शक्तिशाली सुरक्षा है। लेकिन बड़ी संख्या में लोगों की वजह से वेरिएंट का तेजी से प्रसार अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है।

अगर हम डेल्टा वेरिएंट को फैलाने की अनुमति देते हैं, तो और भी खतरनाक म्यूटेंट विकसित होने की अधिक संभावना होगी। वर्तमान में, हम जानते हैं कि टीके डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ काम करते हैं, लेकिन अधिक म्यूटेशन से कुछ वेरिएंट ऐसे हो सकते हैं, जिन पर टीका प्रभावी नहीं होगा। संक्रमण की श्रृंखला को रोकने के लिए पहले से कहीं ज्यादा जरूरी है कि सभी लोग टीका लगवाएं।

डेल्टा (प्लस) को म्यूटेशन वैरिएंट के 417एन के रूप में जाना जाता है, यह माना जाता है कि यह डेल्टा वायरस की तुलना में प्रतिरक्षा से बचने में अधिक विषाक्त और होशियार होगा।

--आईएएनएस

एमएसबी/आरजेएस

NS Desk

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