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दिल्ली सरकार ने लोगों से बाल कल्याण कोष के लिए दान करने का आग्रह किया

By NS Desk | CoronaVirus News | Posted on :   19-Aug-2021

नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग ने लोगों से दिल्ली बाल कल्याण कोष में दान करने का आग्रह किया है, जिसका इस्तेमाल बच्चों के लिए किया जाएगा।

विभाग ने दिल्ली के नागरिकों को उन बच्चों का विवरण साझा करने के लिए भी कहा है जो अनाथ हो गए हैं या कोविड महामारी के कारण अपने माता-पिता में से एक को खो दिया है।

डब्ल्यूसीडी विभाग द्वारा जारी एक सर्कुलर में कहा गया है, यदि आप किसी ऐसे बच्चे को जानते हैं, जिसने कोविड-19 के कारण एक या दोनों माता-पिता को खो दिया है, तो चाइल्डलाइन को 1098 पर कॉल करें या हमें ऐसे बच्चे का विवरण एससीपीएसडेल्ही एट द रेट जीमेल डॉट कॉम पर मेल करें।

सरकार ने लोगों से इस उद्देश्य के लिए योगदान करने का आग्रह किया है, यह कहते हुए कि देखभाल और सुरक्षा की आवश्यकता वाले बच्चों की भलाई और उनके पुनर्वास के लिए दिल्ली बाल कल्याण कोष में योगदान करके बच्चों के लिए दान करें और अपना योगदान दें।

इसके साथ, सरकार को उम्मीद है कि लोग आवासीय देखभाल, निर्वाह सहायता, शिक्षा, चिकित्सा और मानसिक स्वास्थ्य, व्यावसायिक प्रशिक्षण और कौशल विकास, पालक देखभाल, प्रायोजन, आफ्टरकेयर और अन्य जैसी विभिन्न विकास योजनाओं को प्रायोजित करने के लिए आगे आएंगे।

एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली सरकार का महिला एवं बाल विकास विभाग उन बच्चों की पहचान करने के लिए एक सर्वेक्षण करेगा जो कोविड-19 महामारी के दौरान अनाथ हो गए हैं।

इस साल की शुरुआत में, विभाग ने कोविड महामारी के दौरान अपने माता-पिता में से एक को खोने वाले बच्चों की संख्या का पता लगाने के लिए शहर के विभिन्न चाइल्डकेयर घरों, संस्थानों और जिला कार्यालयों में सर्वेक्षण करने के लिए 20 कल्याण अधिकारियों को नियुक्त किया था। दिल्ली सरकार ने ऐसे बच्चों को 2,500 रुपये प्रति माह मुआवजा देने की योजना बनाई है।

डीसीपीसीआर के अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली में 2,000 से अधिक बच्चों ने कोविड-19 महामारी के कारण अपने माता-पिता या दोनों में से एक को खो दिया है। इनमें से 67 ने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया है, क्योंकि पिछले साल मार्च में महामारी का प्रकोप हुआ था।

डीसीपीसीआर की एक पूर्व रिपोर्ट के अनुसार, संक्रमण के कारण कम से कम 651 बच्चों ने अपनी माता को खो दिया है और 1,311 बच्चों ने अपने पिता को खो दिया है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 14 मई को कहा था कि उनकी सरकार महामारी के दौरान अनाथ बच्चों की शिक्षा और पालन-पोषण का खर्च वहन करेगी।

--आईएएनएस

एसजीके/एएनएम

NS Desk

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