Home Blogs CoronaVirus News कोविड प्रभाव को मात देने के लिए भारतीय घरों में मशीन बने बड़ा सहारा

कोविड प्रभाव को मात देने के लिए भारतीय घरों में मशीन बने बड़ा सहारा

By NS Desk | CoronaVirus News | Posted on :   25-Dec-2020

नई दिल्ली, 25 दिसम्बर (आईएएनएस)। नोएडा की रहने वाली मीनाक्षी हमेशा अपने घर पर बहुत अधिक गैजेट्स और मशीनों का इस्तेमाल करने के खिलाफ थीं, जब तक कि कोविड-19 ने दरवाजे पर दस्तक नहीं दी, और फिर लॉकडाउन आ गया।

उनकी दुनिया आर्ट वर्क के इर्द-गिर्द घूमती थी। डेकेयर सेंटर ने अपने बच्चे का ध्यान रखा, जब भी वह व्याख्यान देने के लिए बाहर जाती थी, तो डेकेयर सेंटर उनके बच्चे की देखभाल करता और नौकरानियां घर की साफ-सफाई और खाना बनाती थीं।

लॉकडाउन ने उनके घर संभालने के तौर-तरीकों को हमेशा के लिए बदल दिया, और सामान्य तौर पर मशीनों के प्रति उनका रवैया भी। वह निश्चित रूप से अकेली नहीं है, जिन्हें ऑनलाइन कक्षाएं करनी थीं, बच्चे की देखभाल करनी थी और कोविड-19 के प्रसार से निपटने के लिए प्रतिबंध के बीच सभी घरेलू कामों को अपने दम पर करना था।

बदलाव अचानक आए और देश भर के लोगों को नाटकीय फैसले लेने पड़े। जिन्होंने कभी डिशवॉशर या वैक्यूम क्लीनर खरीदने के बारे में नहीं सोचा था, वे अब इन चीजों को खरीदने के लिए बेसब्र थे।

इन चीजों की मांग में अचानक वृद्धि से कई बार चीजें समय पर सप्लाई नहीं हो पाईं।

बीएसएच होम अप्लायंसेज के प्रबंध निदेशक और सीईओ नीरज बहल ने आईएएनएस को बताया, महामारी की शुरुआत के साथ, डिशवॉशर कैटेगरी ने उत्पाद के विभिन्न लाभों को महसूस करने वाले यूजर्स के बीच पहले ही बड़े पैमाने पर खरीदारी देखी है।

उन्होंने कहा, यह कहना सही होगा कि डिशवाशर की बिक्री भारत में बढ़ गई है।

रसोई उपकरणों के निमार्ता फ्रेंक फेबर इंडिया के एक अनुमान के अनुसार, भारत में डिशवॉशर कैटेगरी मार्च के बाद से 300-400 प्रतिशत के क्षेत्र में बढ़ रही है।

और यह सिर्फ डिशवॉशर नहीं है जिसने भारतीय घरों में जगह बनाई है। मशीनीकृत सफाई कई लोगों के लिए दैनिक जीवन का हिस्सा बन गई, जिससे रोबोट वैक्यूम क्लीनर की मांग में वृद्धि हुई।

और आश्चर्यजनक रूप से, इन मशीनों की मांग केवल मेट्रो शहरों तक ही सीमित नहीं थी। भारत के टियर -3, टियर -2 शहरों के लोगों ने भी इन चीजों की ऑनलाइन खरीदारी की, जो दूसरों की मदद के अभाव में जीवन को थोड़ा आसान बना सकते हैं।

मिलाग्रो रोबोट्स के फाउंडर चेयरमैन राजीव करवाल ने एक बयान में कहा, महामारी के दौरान, हमने अपने रोबोट वैक्यूम क्लीनर के लिए कुथुपरम्बा, आगरा, लुधियाना, वेल्लोर, कोच्चि, विजयवाड़ा और विशाखापट्टनम जैसे टियर -2 और टियर -3 शहरों से बढ़ी मांग को देखा है।

कंपनी ने हाल ही में फ्लोर क्लीनिंग और ैसनिटाइजिंग रोबोट वैक्यूम क्लीनर को साफ करने की एक सस्ती रेंज लॉन्च की है।

इस तरह के उत्पादों की अधिक मांग को देखते हुए, यहां तक कि स्मार्टफोन निमार्ता कंपनी शाओमी ने भारत में एमआई रोबोट वैक्यूम एमओपी-पी लॉन्च किया, जो घर की सफाई की के लिए एक उन्नत और स्मार्ट समाधान पेश करता है।

कंपनी ने कहा कि टू-इन-वन स्वीपिंग और मॉपिंग फंक्शनलिटीज, स्मार्ट ऐप कंट्रोल और क्वाड-कोर कोर्टेक्स-ए 7 प्रोसेसर, एमआई रोबोट वैक्यूम-एमओपी पी भारतीय घरों के लिए बनाया गया है।

और जब गर्मी ने अलविदा कहा और लोगों को हवा में ठिठुरन महसूस होने लगी, तब कई शहरवासियों ने भी हवा को शुद्ध करने की जरूरत महसूस करनी शुरू कर दी क्योंकि प्रदूषण के एक मोटे कम्बल ने आसमान को ढंक लिया।

सर्दियों और प्रदूषण दोनों से निपटने के लिए, ग्लोबल प्रौद्योगिकी कंपनी डायसन ने अपना प्यरो हॉट प्लस कूल क्रिप्टोमिक एयर प्यूरीफायर लॉन्च किया जो हीटर के साथ भी आता है।

शॉर्प एफपी-जे80, एयरओके विस्तार 550आई, फिलिप्स एसी 2887 आदि कुछ अन्य एयर प्यूरीफायर हैं जिन्हें भारत में ग्राहकों ने पसंद किया।

प्री-कोविड नॉर्मलाइजेशन के साथ, भारतीय घरों आने वाले महीनों, या शायद, वर्षों तक इन मशीनों की और बढ़ती डिमांड देखने को मिले।

--आईएएनएस

वीएवी-जेएनएस

NS Desk

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